रायपुर , जुलाई 23 -- छत्तीसगढ़ में भारती जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देकर देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी छात्रों के मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष सदन में बहस से बच रहा है।
राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में गुरुवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में देव ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन में कांग्रेस ने सुनियोजित तरीके से हस्तक्षेप किया और उसे राजनीतिक स्वरूप देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस सुनियोजित तरीके से ऐसा माहौल बनाना चाहती है, जैसा हाल के समय में नेपाल और बांग्लादेश में देखने को मिला, लेकिन भारत में उसके मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।" उन्होंने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों की परंपरा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता वाला देश है, जहां जनता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है," जबकि कांग्रेस छात्रों के आंदोलन को अपने राजनीतिक एजेंडे का माध्यम बनाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों से जुड़े विषयों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। उनका आरोप था कि कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन में घुसपैठ कर उसका स्वरूप बदल दिया और लोकतांत्रिक विरोध की जगह राजनीतिक भाषणबाजी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में देव ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल भाजपा के नेता नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है तथा कांग्रेस लगातार उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करती रही है।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बिना अनुमति धरना देना सुरक्षा मानकों के खिलाफ है। उनका आरोप था कि कांग्रेस ने संसद के भीतर चर्चा करने के बजाय संवेदनशील क्षेत्र में प्रदर्शन कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए देव ने कहा कि वे हाथ में संविधान की छोटी-सी किताब लेकर लोगों को यह बताने की कोशिश करते हैं कि संविधान खतरे में है, जबकि वास्तव में संविधान को कमजोर करने का काम कांग्रेस ने अपने शासनकाल में किया था।
कांग्रेस के नेताओं पर दर्ज प्राथमिकी के संबंध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बुधवार को कांग्रेस कार्यालय घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से पत्थरबाजी की गई, जबकि भाजपा की ओर से एक भी पत्थर नहीं फेंका गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने और भाजपा कार्यकर्ताओं को उकसाने का प्रयास किया। उल्लेखनीय है कि इस मामले में कांग्रेस के 12 नेताओं पर एफआईआर दर्ज की गई है।
पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए देव ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई कर जांच कराई और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। उन्होंने कहा, "छात्रों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और उसकी भरपाई की जाएगी।"संविधान के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, "आपातकाल संविधान पर सबसे बड़ा हमला था।" उन्होंने कहा कि संविधान बचाने की बात करने वाली कांग्रेस को पहले अपने इतिहास को देखना चाहिए, क्योंकि देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र और संविधान पर सबसे बड़ा हमला कांग्रेस ने ही किया था।
देव ने कहा कि सरकार इस विषय पर संसद में विस्तार से चर्चा कराने के पक्ष में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर खुली चर्चा कराने का निर्णय लिया है, ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें और सरकार भी अपनी कार्ययोजना स्पष्ट कर सके। इसके बावजूद कांग्रेस लगातार संसद की कार्यवाही बाधित कर रही है।
उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित सरकार के प्रतिनिधियों ने विपक्ष से कई बार चर्चा में शामिल होने की अपील की, लेकिन कांग्रेस तैयार नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष के भीतर भी मतभेद हैं और कांग्रेस के सहयोगी दल समाजवादी पार्टी के नेता सार्वजनिक रूप से संसद में चर्चा की वकालत कर चुके हैं।
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