लखनऊ , जुलाई 24 -- उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को लखनऊ में कैंडल मार्च निकाला। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों की मांगें पूरी होने तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से गांधी प्रतिमा, जीपीओ तक कैंडल मार्च निकालने का प्रयास किया। पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोकने का प्रयास किया, जिसके बावजूद कार्यकर्ता आगे बढ़े। मार्च का समापन माल एवेन्यू स्थित पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
श्री राय ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन, आंसू गैस और अन्य बल प्रयोग किए गए। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ भी पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।
उन्होने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं की मांगों के समर्थन में आंदोलन जारी रखेगी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों से माफी मांगने तक संघर्ष जारी रहेगा।
कैंडल मार्च में जिला कांग्रेस अध्यक्ष रूद्रदमन सिंह 'बबलू', शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव 'त्यागी' सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
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