रांची , अगस्त 22 -- झारखंड में करीब 26 दिनों तक चले छात्र आंदोलन और इसके बाद गिरिडीह व गढ़वा में झामुमो कार्यकर्ताओं और छात्रों के बीच हुई झड़प को लेकर पूर्व मंत्री एवं झामुमो नेता मिथिलेश ठाकुर ने भाजपा पर छात्रों की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगाया है।
श्री ठाकुर ने कहा कि छात्रों की मांग जायज थी और आंदोलन को झामुमो समेत इंडिया गठबंधन के दलों का नैतिक समर्थन प्राप्त था।
श्री ठाकुर ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया है और परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा के साथ 11वीं से 13वीं जेपीएससी, सीडीपीओ, फूड सेफ्टी ऑफिसर और टीटीपीएल के माध्यम से आयोजित कई परीक्षाओं को रद्द किया है। उनके अनुसार, इन फैसलों से छात्रों में अपने भविष्य को लेकर उम्मीद जगी है।
जेपीएससी और अन्य परीक्षाओं को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर श्री ठाकुर ने कहा कि अदालत ने अभी अंतिम फैसला नहीं दिया है, बल्कि फिलहाल स्टे दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अदालत में अपना पक्ष रखा है और निर्धारित समय में सरकार अपना जवाब दाखिल करेगी।
उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई है, उन्हें अंडरटेकिंग देने का निर्देश दिया गया है। जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है और गलत तरीके से प्राप्त लाभ की वसूली भी की जा सकती है।
गिरिडीह और गढ़वा में झामुमो कार्यकर्ताओं और छात्रों के बीच हुई मारपीट पर श्री ठाकुर ने कहा कि पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं को छात्रों के खिलाफ जाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटनाएं भाजपा की सोची-समझी साजिश का हिस्सा थीं।
उन्होंने भाजपा नेताओं बाबूलाल मरांडी, संजय सेठ और बीडी राम पर छात्रों को उकसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा छात्र आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाकर सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और सरकार की ओर से लिए गए फैसलों को समझें।
एफआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोग कानून अपने हाथ में लेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे से भाजपा राजनीतिक खेल खेल रही है और इसके लिए करोड़ों रुपये की फंडिंग की गई है। ठाकुर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
श्री ठाकुर ने कहा कि झामुमो सरकार ने युवाओं के हित में नियोजन नीति बनाई थी, लेकिन भाजपा उसके खिलाफ गई और उसे निरस्त करवाने का काम किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं के अधिकार और रोजगार के सवाल पर सरकार गंभीर है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जांच में पारदर्शिता का भरोसा दिया है। यदि जांच की आंच सरकार के शीर्ष स्तर तक भी पहुंचती है तो जांच एजेंसियों के लिए कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।
श्री ठाकुर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियुक्ति प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की तह तक पहुंचना और युवाओं को उनका अधिकार दिलाना है। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी में ऐसा सुधार किया जाएगा कि भविष्य में परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रहे।
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