बालोद , अक्टूबर 07 -- छत्तीसगढ़ के बालोद में छात्रा पर एसिड हमले के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी यश सोनकर और उसके दोस्त करण कुंजाम को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्रा को विवाह का झांसा देने और उसके दूसरे युवकों से बातचीत करने के संदेह को लेकर मुख्य आरोपी ने अपने बचपन के दोस्त के जरिए हमला कराने की साजिश रची थी। हमले में छात्रा का चेहरा, आंख के आसपास का हिस्सा और शरीर का दाहिना भाग बुरी तरह झुलस गया है।

पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक पीड़िता बालोद में पदस्थ एक हेड कॉन्स्टेबल की बेटी है। वह एमए की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। घटना के समय वह आमापारा स्थित लाइब्रेरी से पढ़ाई कर घर लौट रही थी। आमापारा आत्मानंद स्कूल के सामने सिंचाई कॉलोनी में उस पर एसिड फेंका गया।

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार मुख्य आरोपी यश सोनकर बालोद का रहने वाला है और पीड़िता के साथ कोचिंग में पढ़ चुका है। दोनों के बीच पिछले एक-डेढ़ साल से अफेयर था। आरोपी छात्रा से शादी करना चाहता था लेकिन उसे संदेह था कि छात्रा दूसरे लड़कों से भी बातचीत करने लगी है। इसी बात को लेकर नाराज आरोपी ने अपने बचपन के दोस्त करण कुंजाम को हमले के लिए तैयार किया।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने लैब में इस्तेमाल होने वाला 500 एमएल सल्फ्यूरिक एसिड 26 सितंबर को दुर्ग से खरीदा था। पहले 27 सितंबर को गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान छात्रा पर एसिड फेंकने की योजना बनाई गई थी लेकिन उस दौरान आरोपी स्वयं झुलस गया। इसके बाद पांच अक्टूबर को वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने हमले के बाद बचा हुआ एसिड भी जब्त कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी ने वारदात से पहले करण कुंजाम को एसिड की बोतल देते हुए छात्रा के बारे में कहा था, "उसे अपनी सुंदरता पर गुमान है, उसका चेहरा इस तरह जला देना कि वह देखने लायक न बचे।" इसके बाद आरोपी को छात्रा की रेकी के लिए भेजा गया। सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे छात्रा लाइब्रेरी से पढ़कर घर लौट रही थी, तभी पीछे से आए हमलावर ने उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया और फरार हो गया।

एसिड पड़ने के बाद तेज जलन से छात्रा चिल्लाने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार छात्रा के शरीर का दाहिना हिस्सा गंभीर रूप से झुलसा है, जबकि चेहरे और आंख के आसपास भी जलने के निशान हैं।

मुख्य आरोपी बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम नेवारीखुर्द का रहने वाला है और बालोद शहर के आमापारा में किराए के मकान में रहता था। उसके पिता मानपुर-मोहला जिले में पदस्थ पुलिसकर्मी हैं।

पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी ने करीब एक सप्ताह पहले अपने बचपन के दोस्त को भैरमगढ़ (बीजापुर) से बालोद बुलाया था। दोस्त अपनी महिला मित्र को भी साथ लेकर आया था। पुलिस के अनुसार सोमवार को एसिड हमले से पहले आरोपी ने कमरौद में महिला मित्र की मांग भरकर उससे कथित रूप से शादी की थी। इसके बाद उसने छात्रा पर हमला किया।

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी को उम्मीद थी कि बाहर से बुलाया गया युवक वारदात को अंजाम देने के बाद आसानी से निकल जाएगा और उसकी पहचान नहीं हो सकेगी। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे कुछ ही घंटों में कोंडागांव से गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपियों को मंगलवार शाम करीब पांच बजे बालोद न्यायालय में पेश करने ले जाया गया। पटेल मैदान के सामने बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहन को रोक दिया। पुलिस ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों पर काला-नीला रंग फेंका और उन्हें जूते की माला पहनाने की कोशिश की। कई छात्राओं ने भी आरोपियों को पीटने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।

छात्र-छात्राओं ने करीब डेढ़ घंटे तक बालोद न्यायालय को चारों ओर से घेरकर आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर नारेबाजी की। न्यायालय परिसर में भी गहमागहमी की स्थिति बनी रही। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने किसी को आरोपियों के पास नहीं जाने दिया।

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