बैतूल , फरवरी 18 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिला में जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावासों के बिजली बिल भुगतान में हुए करीब 40 लाख रुपये के शासकीय गबन का पुलिस ने खुलासा करते हुए 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी गणेश उईके (27) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की। प्रकरण की जांच प्रशिक्षु डीएसपी शैफा हाशमी द्वारा की जा रही थी।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच जनजातीय छात्रावासों के बिजली बिल भुगतान के दौरान आईएफएमआईएस पोर्टल पर कियेटर और डीडीओ लॉगिन का दुरुपयोग कर फर्जी वेंडर बनाए गए। इन फर्जी वेंडरों के माध्यम से बिजली विभाग के नाम पर भुगतान दर्शाकर राशि निजी बैंक खातों में स्थानांतरित की गई।
जांच में यह भी पाया गया कि एक बार वास्तविक बिजली विभाग को भुगतान किया गया तथा दूसरी बार फर्जी वेंडरों के जरिए वही राशि आरोपियों के खातों में भेज दी गई। बैंक स्टेटमेंट और तकनीकी विश्लेषण में आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर से जुड़े खातों में लेन-देन की पुष्टि हुई है।
अब तक 40 लाख 4 हजार 67 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है, जिसमें से 5 लाख 24 हजार 182 रुपये शासकीय चालान के माध्यम से जमा कराए जा चुके हैं। इससे पूर्व सहआरोपी धर्मेंद्र वरकड़े को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी छत्रपाल मर्सकोले फरार है। पुलिस ने उसके खिलाफ भी 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर तलाश तेज कर दी है।
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