गोपालगंज,21सितंबर(वार्ता) बिहार के गोपालगंज जिला मुख्यालय के छाड़ी नदी के जीर्णोद्धार एवं उसे अतिक्रमणमुक्त कराने के उद्देश्य सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी ने स्थल निरीक्षण किया। नदी के करीब 1.475 किलोमीटर लंबे चिन्हित क्षेत्र में अंचल अमीन द्वारा की जा रही स्थल मापी का निरीक्षण किया गया। मापी के दौरान अब तक 42 स्थायी अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं।
निरीक्षण के क्रम में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि छाड़ी नदी के चिन्हित क्षेत्र में मापी की कार्रवाई पूरी गंभीरता के साथ कराई जाए, ताकि नदी की वास्तविक स्थिति, उपलब्ध भूमि एवं अतिक्रमित क्षेत्र को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जा सके। सदर अंचलाधिकारी रजत बरनवाल को निर्देशित किया गया कि मापी की पूरी कार्रवाई एक सप्ताह के अंदर पूर्ण कराते हुए सभी संबंधित अतिक्रमणों को स्पष्ट रूप से चिह्नित करना सुनिश्चित करें।
स्थल मापी के दौरान अब तक 42 स्थायी अतिक्रमण का मामला प्रकाश में आया है। प्रशासन द्वारा छाड़ी नदी के जीर्णोद्धार की दिशा में अतिक्रमण की स्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है। मापी पूरी होने के बाद चिन्हित अतिक्रमणों के संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छाड़ी नदी को प्रदूषणमुक्त रखने के उद्देश्य से नदी में नाला का पानी गिराने वाले लोगों पर भी चिन्हित कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर परिषद द्वारा संबंधित लोगों को नोटिस निर्गत किया जा रहा है। इसके साथ ही चिन्हित अतिक्रमणकारियों को भी नोटिस जारी किया जा रहा है। नोटिस के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य छाड़ी नदी के प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित करते हुए इसके जीर्णोद्धार की दिशा में प्रभावी कदम उठाना है। इसके लिए नदी की भूमि की सही स्थिति निर्धारित करने, अतिक्रमण चिह्नित करने तथा नदी में गिरने वाले गंदे पानी की समस्या को नियंत्रित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान डीपीओ, नमामि गंगे , अंचलाधिकारी रजत वर्णवाल सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नदी के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए।
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