मोतिहारी , अक्टूबर 13 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में दुर्घटना के बाद जब्त बाइक की यांत्रिक जांच रिपोर्ट न्यायालय के आदेश के करीब छह माह बाद भी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर रक्सौल अनुमंडलीय न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय के प्रभारी न्यायाधीश अनुराग मिश्रा ने रामगढ़वा थाना कांड संख्या 179/2025 के अनुसंधानक और जिला मोटरयान निरीक्षक को उपस्थित होकर विलंब का कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। साथ ही जिला मोटरयान निरीक्षक को स्मारपत्र भी जारी किया गया है।

यह मामला हरसिद्धि थाना क्षेत्र के उज्जैन लोहियार निवासी नंदलाल मांझी की दुर्घटना में जब्त बाइक की मुक्ति से जुड़ा है। उन्होंने वाहन मुक्त कराने के लिए नौ मार्च 2026 को न्यायालय में आवेदन दिया था। इस पर न्यायालय ने जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला मोटरयान निरीक्षक और कांड के अनुसंधानक से आवश्यक प्रतिवेदन मांगा था।

बताया गया है कि जिला परिवहन पदाधिकारी ने आदेश के पहले सप्ताह में ही अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया, लेकिन जिला मोटरयान निरीक्षक की ओर से वाहन की यांत्रिक जांच रिपोर्ट अब तक दाखिल नहीं की गई। इसके कारण बाइक की मुक्ति की प्रक्रिया लंबित है।

मामले में दुर्घटना के बाद दो बाइक जब्त की गई थीं। एक बाइक के संबंध में आवश्यक प्रतिवेदन नहीं मिलने के बावजूद न्यायालय ने उसे मुक्त करने का आदेश दिया था। दूसरी बाइक के मामले में भी अपेक्षित रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने पर न्यायालय ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

न्यायालय ने आदेश के अनुपालन में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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