गरियाबंद, 07 फरवरी 2026 ( वार्ता ) छत्तीसगढ़ में गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना अंतर्गत ओडिशा सीमा से लगे ग्राम भालूडिग्गी और मेटाल के पहाड़ी श्रृंखला में पुलिस ने माओवादियों की हथियारों और हथियार निर्माण से संबंधित सामग्री की बड़ी खेप बरामद की है।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि गलियाबंद जिला पुलिस की ई-30 ऑप्स टीम को यह सफलता मिली। पुलिस ने माओवादियों के छह अलग-अलग ठिकानों से ऑटोमेटिक हथियार और अन्य उपकरण बरामद किये।

पुलिस को यह सफलता हाल के दिनों में गरियाबंद जिले में आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे माओवादियों से गहन पूछताछ के दौरान प्राप्त हुई जानकारी की वजह से मिली। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की ओडिशा राज्य कमेटी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा गरियाबंद जिले से लगे ओडिशा सीमा क्षेत्र की पहाड़ी श्रृंखलाओं में विभिन्न स्थानों पर ऑटोमेटिक हथियारों, हथियार मरम्मत एवं निर्माण में प्रयुक्त उपकरणों तथा अन्य सामग्रियों को डम्प कर रखा गया है।

प्राप्त सूचना के आधार पर गरियाबंद से ई-30 ऑप्स टीम को शुक्रवार को रवाना किया गया। टीम द्वारा लगातार 36 घंटे तक सर्च अभियान चलाया गया। इस दौरान छह अलग-अलग स्थानों से माओवादियों रखे गये 02 नग इंसास रायफल, 01 नग 303 रायफल, 01 नग देसी कट्टा, 01 नग सुरका (देशी बीजीएल लॉन्चर), 02 नग 12 बोर, 02 नग सिंगल शॉट हथियार, 127 नग जिंदा राउंड, 08 नग मैग्जीन, 22 नग बीजीएल सेल, 01 बंडल इलेक्ट्रिक वायर तथा टेक्निकल टीम की वेपन वर्कशॉप में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरण बरामद किए गये।

पुलिस के अनुसार, माओवादियों की तकनीकी टीम उनके शीर्ष नेतृत्व की सीधी निगरानी में आईईडी निर्माण, विभिन्न देशी हथियारों के निर्माण एवं ऑटोमेटिक हथियारों की मरम्मत का कार्य करती थी। यह टेक्निकल वर्कशॉप ओडिशा राज्य कमेटी के मारे गए तीन सेंट्रल कमेटी सदस्यों - चलपति, मनोज एवं गणेश उईके की निगरानी में संचालित की जा रही थी।

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