बिलासपुर , जून 26 -- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अदालती आदेश का पालन नहीं करने के मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शिक्षा संभाग बिलासपुर के संयुक्त संचालक (जेडी) आरपी आदित्य को अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने अधिकारी से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की एकल पीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता संजय साहू की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया, जिसकी जानकारी आज मीडिया को दी गई।
प्रकरण मुंगेली जिले में पदस्थ रहे सहायक कार्यक्रम समन्वयक (समग्र शिक्षा) संजय साहू के निलंबन और बहाली से संबंधित है। अभिलेखों के अनुसार, संजय साहू को 18 सितंबर 2024 को निलंबित किया गया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि विभागीय जांच प्रारंभ किए बिना उन्हें लंबे समय तक निलंबित रखा गया तथा उनका पक्ष भी नहीं सुना गया।
निलंबन को चुनौती देते हुए संजय साहू ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया था। इस याचिका पर 15 अप्रैल 2026 को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता द्वारा 12 मार्च 2026 को प्रस्तुत आवेदन/अभ्यावेदन पर 45 दिनों के भीतर कानून सम्मत निर्णय लिया जाए।
याचिका में कहा गया कि न्यायालय के आदेश की प्रति प्राप्त होने और निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी संयुक्त संचालक कार्यालय, बिलासपुर ने न तो याचिकाकर्ता की बहाली पर निर्णय लिया और न ही अभ्यावेदन का अंतिम निराकरण किया। आरोप है कि इस प्रकार न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया।
निर्धारित अवधि में आदेश का अनुपालन नहीं होने पर संजय साहू ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने संयुक्त संचालक (जेडी) शिक्षा संभाग बिलासपुर आरपी आदित्य के विरुद्ध अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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