रायपुर , नवम्बर 17 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सोमवार को राज्य सरकार पर बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी और धान खरीदी व्यवस्था में अव्यवस्था के लिए गंभीर आरोप लगाये और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि 30 नवंबर तक बिजली दरें कम नहीं की गईं तथा 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना पुनः शुरू नहीं की गई, तो दिसंबर के दूसरे सप्ताह में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।
श्री बैज ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे विद्युत उत्पादन वाले बड़े राज्य में जनता को सबसे महंगी बिजली मिल रही है, जबकि सरकार की नीतियां मुनाफाखोरी को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने बताया कि दो वर्षों में चार बार बिजली दर बढ़ाई गई है, जबकि कोयला पर सेस हटने से उत्पादन लागत घटी है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को राहत नहीं दी गई। उन्होंने स्मार्ट मीटर को भी बिजली बिल बढ़ने का एक प्रमुख कारण बताया और मांग की कि मीटर रीडिंग की जांच के लिए पुराने मीटर समानांतर रूप से लगाए जाएं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने धान खरीदी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने के बावजूद 2,739 केंद्रों में से 2,560 केंद्र पहले दिन बंद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सोसायटी कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर होने के बावजूद सरकार कोई समाधान नहीं निकाल रही। उन्होंने कहा कि सरकार के पास 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने के लिए पर्याप्त धन नहीं है, इसलिए केंद्रों को तैयार न करके किसानों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने सरकार पर सोसायटी कर्मचारियों के प्रति दमनात्मक रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। बैज ने कहा कि कई जिलों में एस्मा लगाया जा रहा है, कर्मचारियों को डराया-धमकाया जा रहा है, जबकि रायपुर में 250 राशन दुकानों को सोसायटी से हटाकर पंचायतों को सौंप दिया गया है।
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