रायपुर , अक्टूबर 21 -- छत्तीसगढ़ में हॉकी को नई पहचान देने और स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देश की पहली छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में भव्य शुभारंभ किया गया। प्रतियोगिता में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ प्रदेश की उभरती प्रतिभाएं हिस्सा ले रही हैं। लीग के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को दिग्गजों के मार्गदर्शन में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा।

उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से ने की। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार, लीग के ब्रांड एंबेसडर एवं पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान सरदार सिंह तथा पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित अनेक गणमान्य नागरिक और खेलप्रेमी मौजूद रहे।

केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खड़से ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए बड़े पैमाने पर आयोजन किए जा रहे हैं और खेलों के विकास के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। अब क्रिकेट के साथ अन्य खेलों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। निजी संस्थान भी युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ भविष्य में देश के प्रमुख खेल केंद्रों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की गूंज पूरे प्रदेश में 'चलो रे संगी, हॉकी खेलबो' के संदेश के साथ सुनाई देगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राज्य में हॉकी को पेशेवर स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ की धरती ने विन्सेंट लकड़ा, मृणाल चौबे, रेणुका यादव और सबा अंजुम जैसे प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ी देश को दिए हैं।

साव ने कहा कि खेल केवल खिलाड़ी तैयार करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के संदेश 'जो खेलेगा, वो खिलेगा' का उल्लेख करते हुए युवाओं से खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय जूनियर हॉकी टीम की 2001 विश्व कप जीत का स्मरण करते हुए बताया कि उस विजेता टीम के सदस्य देवेश चौहान छत्तीसगढ़ की टीम के मुख्य कोच के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रतियोगिता में अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलना महत्वपूर्ण है। इससे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और उन्हें अपने खेल को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा।

खेल विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने बताया कि 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस लीग में छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी होंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 18 स्थानीय खिलाड़ियों के साथ चार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनकी तकनीक सीखने का अवसर देना है।

लीग में जिंदल स्टील लिमिटेड की चक्रधर चैंपियंस, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की न्यायधानी नाइट्स, बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड की राजधानी रॉयल्स, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की मैनपाट टाइगर्स, सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड की संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और एनएमडीसी लिमिटेड की बैलाडीला बुल्स खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी।

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