बिलासपुर , सितंबर 08 -- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मंगलवार से नया रोस्टर प्रभावी हो गया है, जो अगले आदेश तक लागू रहेगा। मुख्य न्यायाधीश ने प्रभार संभालने के बाद सोमवार शाम नया रोस्टर जारी किया। इसके तहत मामलों की सुनवाई के लिए दो खंडपीठ, आठ एकल पीठ और दो विशेष पीठ निर्धारित की गई हैं।
नए रोस्टर के अनुसार खंड पीठ-1 में मुख्य न्यायाधीश के साथ न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल मामलों की सुनवाई करेंगे। इस बेंच के समक्ष जनहित याचिकाएं, रिट अपील, बंदी प्रत्यक्षीकरण, आपराधिक अवमानना याचिकाएं और खंड पीठ के सभी रिट मामले सूचीबद्ध होंगे।
इसके साथ ही डिवीजन बेंच के सभी आपराधिक मामले, टैक्स से जुड़े मामले और टैक्स मामलों से संबंधित रिट अपीलों की सुनवाई भी खंड पीठ-1 करेगी। किसी अन्य खंड पीठ को विशेष रूप से आवंटित नहीं किए गए सिविल मामलों की सुनवाई का दायित्व भी इसी बेंच को दिया गया है।
डिवीजन बेंच-2 में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल सुनवाई करेंगे। इस बेंच को कंपनी अपील, वैवाहिक मामलों से संबंधित प्रथम अपील और कमर्शियल अपीलेट डिवीजन बेंच के मामले आवंटित किए गए हैं। इसके तहत कंपनी कानून, निर्धारित वैवाहिक विवादों की प्रथम अपीलों और वाणिज्यिक अपीलीय मामलों की सुनवाई होगी।
वहीं, आठ सिंगल बेंचों में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास, न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय, न्यायमूर्ति नवल किशोर व्यास, न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद को अलग-अलग प्रकृति के मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन एकल पीठाें में जमानत, अवमानना, आपराधिक अपील एवं रिवीजन, सिविल अपील एवं रिवीजन, रिट याचिकाएं, सर्विस मामले, मोटर दुर्घटना दावों से संबंधित अपील सहित अन्य प्रकरण और टाइड-अप मामलों की सुनवाई होगी।
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