नयी दिल्ली , मई 03 -- छत्तीसगढ़ प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर जोनल कार्यालय ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच के मामले में हाल ही में तलाशी अभियान चलाया है।

ईडी ने रविवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग/भिलाई और बिलासपुर जिलों में कुल 13 परिसरों की तलाशी ली गई। ये परिसर शराब व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंटों, व्यवसायियों एवं कॉरपोरेट संस्थाओं से संबंधित थे, जिन पर घोटाले के माध्यम से अर्जित अपराध की आय को प्राप्त करने, संभालने, छिपाने का संदेह था।

तलाशी के दौरान आपत्तिजनक नकदी एवं कीमती सामान जब्त किया गया। इसमें 53 लाख रुपये नकद और लगभग 3.234 किलोग्राम सोने के आभूषण (लगभग 4.86 करोड़ रुपये मूल्य के) बरामद किए गए, जिससे कुल जब्ती लगभग 5.39 करोड़ रुपये हो गई। इसके अलावा आपत्तिजनक दस्तावेज एवं डिजिटल उपकरण/डेटा भी जब्त किए गए हैं जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।

ईडी द्वारा छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत की जा रही है जो रायपुर स्थित आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई प्राथमिक एफआईआर पर आधारित है।

जांच से पता चला है कि छत्तीसगढ़ में 2019-2022 की अवधि के दौरान शराब की खरीद, लाइसेंसिंग एवं बिक्री में अवैध कमीशन की उगाही के लिए राजनीतिक अधिकारियों, वरिष्ठ नौकरशाहों, शराब उत्पादकों, एफएल-10ए लाइसेंसधारियों और उनके सहयोगियों की मिलीभगत से एक व्यवस्थित एवं सुनियोजित आपराधिक साजिश रची गई थी।

ईओडब्ल्यू/एसीबी ने अपनी चार्जशीट में अब तक इस घोटाले के माध्यम से अर्जित अपराध की कुल राशि लगभग 2,883 करोड़ रुपये बताई है।

जांच के दौरान, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के अंतर्गत अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, सीएसएमसीएल के तत्कालीन एमडी, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के तत्कालीन उप सचिव सहित अन्य लोग शामिल हैं। जांच कई पहलुओं पर आगे बढ़ी है जिनमें शराब बनाने वाले, नकदी संभालने वाले, हवाला संचालक, एफएल-10ए लाइसेंसधारक और राजनीतिक सहयोगी शामिल हैं।

अब तक ईडी ने पीएमएलए की धारा पांच के अंतर्गत छह अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए हैं जिनमें लगभग 380 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। जब्त की गई संपत्तियों में आवासीय एवं व्यावसायिक अचल संपत्ति, बैंक खाते, वाहन, आभूषण और विभिन्न आरोपी व्यक्तियों और उनकी बेनामी संस्थाओं से संबंधित शेयर शामिल हैं। पीएमएलए, नयी दिल्ली के अंतर्गत न्याय निर्णायक प्राधिकरण ने इनमें से कई संपत्तियों की कुर्की की पुष्टि की है।

ईडी ने रायपुर स्थित पीएमएलए मामलों की विशेष अदालत में 81 आरोपियों एवं संस्थाओं के खिलाफ छह अभियोग भी दायर किया है। ये मामले फिलहाल विशेष अदालत, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन हैं।

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