राजनांदगांव , अक्टूबर 05 -- छत्तीसगढ़ वैष्णव समाज ने सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा न्यास, राजनांदगांव के अध्यक्ष पद पर पूर्णिमा साहू की नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। समाज ने कार्रवाई नहीं होने पर बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की चेतावनी भी दी है।

समाज के पदाधिकारियों ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पूर्णिमा साहू ने स्वयं को राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत मनरी का निवासी बताकर अध्यक्ष पद प्राप्त किया, जबकि समाज का दावा है कि भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के अनुसार वह वहां की स्थायी निवासी नहीं हैं।

वैष्णव समाज का आरोप है कि गलत जानकारी के आधार पर नियुक्ति किए जाने से समाज के लोगों में नाराजगी है। पदाधिकारियों ने मामले की जांच कर नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।

समाज ने कहा कि नियुक्ति पत्र राजस्व विभाग की ओर से जारी किया गया है, इसलिए तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वे बिलासपुर उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ वैष्णव समाज के पूर्व मंडलेश्वर कृष्ण कुमार वैष्णव, राजनांदगांव मंडल के मंडलेश्वर अनुप दास वैष्णव सहित समाज के अन्य पदाधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।

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