रायपुर , दिसंबर 15 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को धान खरीदी व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति न मिलने के बाद विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि सरकार की प्राथमिकता धान खरीदी नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि पूरी व्यवस्था को कमजोर कर इसे निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार कर विस्तृत चर्चा कराई जाती, तो सत्तापक्ष के विधायकों को भी अपनी बात रखने और सरकार को स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलता। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी से जुड़े समितियों के प्रबंधक, कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर रही है।

भूपेश बघेल ने पंजीयन प्रक्रिया में खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि वन अधिकार पट्टा धारक किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया। ऑनलाइन टोकन प्रणाली भी बाधित है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान एंड्रॉयड मोबाइल न होने के कारण चॉइस सेंटरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

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