रायपुर , जुलाई 07 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के 13 जुलाई से शुरू होने वाले पांच दिवसीय मानसून सत्र से पहले प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष किरण सिंह देव ने मंगलवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भाजपा विधायक दल की बैठक लेकर आगामी सत्र की रणनीति पर चर्चा की।

राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक बुधवार को शाम चार बजे मंत्रालय (महानदी भवन) में आहूत की गयी है, जिसमें विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत मामलों पर विचार किया जायेगा।

भाजपा विधायक दल की बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट के मंत्री तथा पार्टी के विधायक मौजूद रहे। बैठक में मानसून सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, संभावित मुद्दों और सदन में जवाब देने की तैयारियों पर मंथन किया गया।

बैठक से पहले भाजपा विधायक गजेंद्र यादव ने कहा, "बैठक में आगामी मानसून सत्र की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होगी। भाजपा सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।"वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा, "आगामी मानसून सत्र को लेकर सरकार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।" उन्होंने बताया कि विधायक दल की बैठक में सत्र के दौरान उठने वाले विभिन्न विषयों पर चर्चा की जायेगी और सरकार सदन में हर मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

श्री कश्यप ने कहा कि पांच दिवसीय मानसून सत्र के दौरान प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि इस बार विधानसभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विधायकों का सम्मान किया जाएगा। उनके अनुसार यह पहल विधानसभा की गरिमा और जनप्रतिनिधियों के बेहतर संसदीय योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

मानसून सत्र से पहले मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से स्पीकर हाउस पहुंचकर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक आगामी सत्र की तैयारियों और सदन के सुचारु संचालन को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी विधानसभा अध्यक्ष से अलग मुलाकात कर सत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इन बैठकों को आगामी सत्र की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर विपक्ष भी सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, रायपुर के नकटी गांव का भूमि विवाद, बिजली-पानी संकट, सड़क निर्माण और मानसून के दौरान व्यवस्थाओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बनायी है। इसके अलावा खरीफ सीजन में खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, धान खरीदी की तैयारियां तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, विस्थापन और विधायक आवास के लिए प्रस्तावित भूमि से जुड़ा विवाद भी सदन में गूंजने के आसार हैं।

आगामी मानसून सत्र के लिए अब तक विधायकों की ओर से 1,033 प्रश्न लगाए जा चुके हैं। प्रश्नकाल, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के दौरान विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

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