रायपुर , अक्टूबर 02 -- छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव के लिए करीब एक महीने तक चला सदस्यता अभियान 29 सितंबर को समाप्त हो गया। प्रदेश अध्यक्ष सहित संगठन के विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों की ओर से कुल 14,56,626 सदस्य बनाए गए हैं। इनमें 13 लाख 41 हजार 526 पेड और 1 लाख 15 हजार 100 अनपेड सदस्य शामिल हैं। हालांकि, अंतिम वैध मतदाताओं की संख्या सदस्यता की स्क्रूटनी पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

संगठन से जुड़े लोगों से आज मिली ताज़ा जानकारी के अनुसार अब सदस्यता की विस्तृत जांच की जाएगी। स्क्रूटनी के दौरान नाम और स्पेलिंग, पता, वार्ड क्रमांक, फोटो, वीडियो और वोटर आईडी सहित करीब सात से आठ स्तर पर जानकारियों का मिलान किया जाएगा। जांच में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले सदस्यों को सूची से बाहर किया जाएगा।

पिछले चुनाव के अनुभव को देखते हुए इस बार भी बड़ी संख्या में सदस्यता निरस्त होने की संभावना जताई जा रही है। पिछली बार स्क्रूटनी में करीब 50 प्रतिशत सदस्य जांच में बाहर हो गए थे। ऐसे में मौजूदा 14.56 लाख सदस्यों के आंकड़े को फिलहाल अंतिम वैध मतदाता संख्या नहीं माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को मिले वास्तविक वैध वोट और उनके प्रदर्शन की स्थिति सामने आएगी।

प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए इस बार 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। स्क्रूटनी के बाद वैध मतों के आधार पर उम्मीदवारों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इसके बाद शीर्ष प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों में से तीन नाम तय कर दिल्ली में इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। अंतिम चयन में चुनावी प्रदर्शन के साथ इंटरव्यू और संगठन के लिए उम्मीदवार की योजना जैसे पहलुओं को भी देखा जाएगा।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान सदस्यता और मतदान को लेकर विवाद भी सामने आए हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदार सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के नामांकन होल्ड किए गए थे। दोनों से निजी एजेंसी के माध्यम से सदस्यता कराने के मामले में जवाब मांगा गया था। इस घटनाक्रम की रिपोर्टें सितंबर में सामने आई थीं।

मतदान के दौरान और इसके बाद कुछ उम्मीदवारों ने फर्जी वोटिंग और ऐप में तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत की। अनपेड सदस्यों के वोट को लेकर भी सवाल उठाए गए। संगठन की ओर से तकनीकी समस्या दूर करने और शुल्क जमा होने के बाद ही वोट को मान्य मानने की बात कही गई। मतदान समाप्त होने के बाद भी फर्जी वोटिंग और तकनीकी गड़बड़ी से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं।

अब पूरी चुनाव प्रक्रिया में स्क्रूटनी को महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। कुल 14,56,626 सदस्यों में से कितने जांच के बाद वैध पाए जाते हैं और प्रदेश अध्यक्ष पद के 17 उम्मीदवारों में किनका प्रदर्शन उन्हें इंटरव्यू के चरण तक पहुंचाता है, यह स्क्रूटनी पूरी होने के बाद साफ होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित