रायपुर , सितंबर 02 -- छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 और आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए राज्य में 354 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति दी है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के केंद्रों तक जाने की जरूरत कम होगी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल के नेतृत्व में विभाग ने किसानों को उनके क्षेत्र के नजदीक धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। सरकार ने नवीन केंद्रों के चयन में किसानों की सुविधा और सुगम पहुंच को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
नए केंद्रों की स्वीकृति में बेमेतरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। जिले में पिपरिया, कंदई, सांकरा, भाठासोरही, गांगपुर, लालपुर, बटार, करचुवा, मजगवां, एरमशाही और तेंदू सहित कई स्थानों पर नवीन धान उपार्जन केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। नवागढ़ क्षेत्र में पुटपुरा, ठेंगा भाठ, बाघुल, नांदल, गाड़ामोर और तोरा सहित अन्य स्थानों पर भी नए केंद्रों को मंजूरी दी गई है।
शासन ने नए केंद्रों के संचालन के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जहां मंडी या उपमंडी के प्रांगण उपलब्ध हैं, वहां धान खरीदी के लिए उनके उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्रों के लिए पर्याप्त समतल और ऊंची भूमि तथा धान के सुरक्षित रख-रखाव के लिए पर्याप्त स्थान की व्यवस्था करने को कहा गया है।
इसके साथ ही इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली एवं प्रकाश, पेयजल और आवागमन के लिए उचित रास्ते जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय धान खरीदी व्यवस्था को अधिक सुलभ और किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए केंद्रों से विशेष रूप से उन क्षेत्रों के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अब तक धान बेचने के लिए अपेक्षाकृत दूर स्थित केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे किसानों के परिवहन खर्च और समय की भी बचत होगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित