रायपुर , अगस्त 28 -- छत्तीसगढ़ सरकार ने विभिन्न निगम, बोर्ड और आयोगों में नियुक्त अध्यक्षों और उपाध्यक्षों में से कुल 18 पदाधिकारियों को कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। इनमें तीन पदाधिकारियों को कैबिनेट मंत्री और 15 को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। आदेश 27 अगस्त से प्रभावशील है।

गुरुवार रात जारी आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल चौहान, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी और छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।

अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी के दर्जे में भी बदलाव किया गया है। उन्हें इससे पहले 29 अक्टूबर 2025 को जारी आदेश के तहत राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था। अब पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।

इसके अलावा सरकार ने 15 पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया है। इनमें गौरिशंकर श्रीवास, आनंद निषाद, राजेश कुमार राजपूत, राजेंद्र नायक, सुधीर गौतम, एजाज मिर्जा बेग, भोजराज देवांगन, प्रभात मिश्रा, सुषमा जेठानी, शशिकांत द्विवेदी, डॉ. जेपी शर्मा, किशोर महानंद, आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज), वेदराम मनहरे और मंगल दास ठाकुर शामिल हैं। इनमें विभिन्न निगम-मंडलों और आयोगों के अध्यक्षों के साथ कुछ उपाध्यक्ष भी हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मंत्री का दर्जा दिए जाने वाली इस सूची के क्रम से पदाधिकारियों की वरिष्ठता अथवा प्रोटोकॉल निर्धारित नहीं होगा।

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