रायपुर , मई 08 -- ) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और राज्य पुलिस की सक्रिय कार्यप्रणाली के चलते छत्तीसगढ़ में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश अब केवल औपचारिक कार्रवाई न रहकर एक संवेदनशील और जन केंद्रित अभियान का रूप ले चुकी है।

वर्ष 2021 से अप्रैल 2026 तक राज्य में दर्ज 1 लाख 3 हजार 766 गुम इंसानों के मामलों में से 87 हजार 35 लोगों को सुरक्षित ढूंढकर उनके परिजनों से मिलाया गया है।

पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन तलाश" और "ऑपरेशन मुस्कान" के तहत अब तक हजारों बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बरामद व्यक्तियों में 2,785 बालक, 16,472 बालिकाएं, 18,671 पुरुष और 49,107 महिलाएं शामिल हैं।

रायपुर सहित अविभाजित जिलों में भी इस अभियान का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला है। यहां गुमशुदगी के 15,632 मामलों में से 12,456 लोगों को पुलिस ने ढूंढ निकाला है। प्रशासन द्वारा लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा विशेष पुलिस टीमों के माध्यम से खोजबीन अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार अब तक के मामलों में किसी बड़े संगठित अपराध या मानव तस्करी की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकांश मामलों में गुम हुए लोग पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंध, रोजगार की तलाश या व्यक्तिगत कारणों से घर छोड़कर गए थे।

अप्रैल 2026 में चलाए गए विशेष अभियान "ऑपरेशन तलाश" के दौरान एक ही माह में 4,056 गुमशुदा व्यक्तियों को बरामद किया गया। इनमें 545 बच्चे तथा 3,511 पुरुष एवं महिलाएं शामिल रहे। बरामद लोगों में 75 बालक, 470 बालिकाएं, 972 पुरुष और 2,539 महिलाएं थीं, जिन्हें विधिवत उनके परिवारों के सुपुर्द किया गया।

इस अभियान में अंतरराज्यीय समन्वय की भी अहम भूमिका रही। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से 182 लोगों को खोजकर छत्तीसगढ़ वापस लाया गया। इनमें 3 बालक, 63 बालिकाएं, 13 पुरुष और 103 महिलाएं शामिल हैं।

जिलावार प्रदर्शन में दुर्ग जिले ने 683 बरामदगी के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि बिलासपुर में 648, रायपुर में 426, राजनांदगांव में 280, रायगढ़ में 251 और महासमुंद में 183 लोगों को खोजा गया। अन्य जिलों में भी उल्लेखनीय कार्य करते हुए बलौदाबाजार में 136, जांजगीर-चांपा में 134, सरगुजा में 114 तथा बालोद में 106 लोगों की बरामदगी की गई।

महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए राज्य में "अभिव्यक्ति" जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराध, मानव तस्करी, पॉक्सो एक्ट और आत्मरक्षा जैसे विषयों पर जनजागरूकता फैलाई जा रही है।

पुलिस विभाग का कहना है कि हर बरामद व्यक्ति किसी न किसी परिवार के लिए उम्मीद और राहत लेकर लौटता है। इसी उद्देश्य से गुमशुदा व्यक्तियों की खोज को मानवीय दायित्व मानते हुए अभियान को लगातार गति दी जा रही है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति के लापता होने की सूचना तत्काल नजदीकी थाना, डायल 112 या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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