रायपुर , जुलाई 02 -- छत्तीसगढ़ में विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका मिशन -ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया।
उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा और गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं, जिनमें जल संरक्षण के 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन के 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किए जाएंगे। डबरी, चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क, मुरमीकरण सहित अनेक कार्यों के माध्यम से जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन पर विशेष बल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चाहर दीवारी, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र तथा हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी योजना के तहत किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में 11 लाख ग्रामीण आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि योजना के लागू होने से मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है।
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