बलरामपुर-रामानुजगंज , अप्रैल 04 -- छत्तीसगढ़ में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड में महुआ बिनने जंगल गई 17 वर्षीय किशोरी की हाथी के हमले में शनिवार मौत हो गयी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कई हाथी इलाके में घुर रहे थे। इसी दौरान किशोरी महुआ बिनने के लिए पहुंची, तो हाथी ने उस पर हमला बोल दिया। मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीण किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। हाथी के हमले के कारण गंभीर रूप से घायल किशोरी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

वन विभाग के रेंजर निखिल सक्सेना ने शनिवार को बताया कि 22 हाथियों का दल 31 मार्च से चीनिया बिट क्षेत्र में विचरण कर रहा था। विभाग की ओर से गांवों में मुनादी कर हाथियों की मौजूदगी की सूचना दी गई थी और ग्रामीणों को जंगल में महुआ बिनने या अन्य कार्यों के लिए नहीं जाने की सलाह दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शी सत्य नारायण कुमार के अनुसार मृतका पिंकी ग्राम बरदरिया की निवासी थी और गर्मी की छुट्टियों में चीनिया आई हुई थी। वह स्थानीय जंगल में महुआ बिनने गई थी। इसी दौरान अचानक हाथियों का झुंड आ गया। घबराकर सभी लोग अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे, लेकिन पिंकी को हाथी ने कुचल दिया। कुमार ने बताया कि वह खुद गड्ढे में छिपकर किसी तरह अपनी जान बचा पाया।

गौरतलब है कि सरगुजा संभाग का यह इलाका हाथियों के गलियारे के रूप में जाना जाता है। महुआ की गंध से आकर्षित होकर हाथी अक्सर इन क्षेत्रों में पहुंचते हैं। यहां मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों की मौजूदगी को लेकर पर्याप्त सूचना नहीं दी गई थी।

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