रायपुर , फरवरी 21 -- ) छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद राज्य की अद्यतन निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। इस व्यापक अभियान के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी, डुप्लीकेट (दो जगह नाम) और संदिग्ध प्रविष्टियों को हटाया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पुनरीक्षण के तहत 24,99,823 मतदाताओं के नाम सूची से हटाये गये हैं। संशोधित सूची के मुताबिक अब प्रदेश में कुल 1,87,30,914 पंजीकृत मतदाता हैं।

निर्वाचन सूची में इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गयी है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए उस (कांग्रेस) पर संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदु ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के दबाव में प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर किया गया है और इस संबंध में पार्टी ने निर्वाचन आयोग से औपचारिक शिकायत भी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग निष्पक्ष भूमिका निभाने में विफल रहा है।

वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कांग्रेस के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश की संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास नहीं है और वह हार-जीत के आधार पर ही संस्थाओं की विश्वसनीयता तय करती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां-जहां कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां ईवीएम और प्रक्रिया पर सवाल क्यों नहीं उठते? उनके अनुसार लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और बेबुनियाद आरोप लगाकर भ्रम का वातावरण बनाना उचित नहीं है।

भाजपा का कहना है कि एसआईआर की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संपन्न हुई है। वहीं कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि यदि आवश्यक हुआ तो वह इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ ही राजनीतिक दलों की सक्रियता भी बढ़ गई है। आने वाले चुनावों से पहले इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित