रायपुर , अगस्त 08 -- छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में आज भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। प्रदेश में एक जून से अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, हालांकि मौसम विभाग ने मानसून की स्थिति को सामान्य श्रेणी में रखा है।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

इस बीच प्रदेश के गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के खासरपारा में लगातार बारिश के कारण कच्ची सड़कें जलमग्न हो गई हैं। खासरपारा से टेकनपारा के बीच सड़क पर पानी भर जाने के कारण स्कूली बच्चों को कमरभर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर सामने आई स्थिति के अनुसार बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर इस रास्ते को पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 8 अगस्त तक छत्तीसगढ़ में औसतन 589.3 मिमी (23.2 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 634.9 मिमी (25.0 इंच) मानी जाती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। विभाग ने इसे सामान्य श्रेणी में रखा है।

हालांकि प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, सामान्य से काफी अधिक बारिश वाले जिलों में कई स्थानों पर जलभराव और नदी-नालों के उफान की स्थिति बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में गंगीय पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र और उससे लगे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली का प्रभाव आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी पड़ सकता है।

इसके साथ ही मानसून ट्रफ गंगानगर, दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में बने कम दबाव वाले क्षेत्र, रांची और दीघा से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। दक्षिण गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है।

राजधानी रायपुर में आज 8 अगस्त को आकाश में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

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