रायपुर , जून 16 -- छत्तीसगढ़ में ग्रामीण सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत राज्य स्तरीय स्थायी समिति की 28वीं बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी सड़क निर्माण कार्य से पहले विस्तृत सर्वेक्षण किया जाए तथा भूमि अधिग्रहण एवं वन स्वीकृति से जुड़े सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता से कराने के निर्देश भी दिए।

बैठक में पीएमजीएसवाई फेस-4 के अंतर्गत राज्य की उन सभी बसाहटों की पहचान करने का निर्णय लिया गया, जहां अब तक पक्की सड़क नहीं पहुंची है। इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार कर इन बसाहटों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पीएमजीएसवाई के फेस-1, फेस-2 और फेस-3 के अंतर्गत राज्य में अब तक 8,358 सड़कों तथा लगभग 447 पुल-पुलियों का निर्माण किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के सहयोग से 52 अपूर्ण सड़कों का निर्माण पूरा किया गया है। इसके अलावा फेस-3 के तहत 31 बड़े पुलों का निर्माण भी पूर्ण किया गया।

पीएम जनमन योजना की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 1,372 किलोमीटर सड़क निर्माण लक्ष्य के मुकाबले राज्य में 1,517 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की 872 बसाहटों के लिए स्वीकृत 807 सड़कों में से 366 का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 429 सड़कों पर कार्य प्रगति पर है।

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