रायपुर , जून 27 -- छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों की प्रतिभा को वैज्ञानिक आधार पर निखारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य का पहला स्पोर्ट्स साइंस सेंटर बिलासपुर के बहतराई स्थित राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के तहत इस परियोजना के लिए बजट स्वीकृत किया जा चुका है।
राज्य में स्थापित होने वाला यह केंद्र खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, मानसिक दक्षता और जैविक विशेषताओं का वैज्ञानिक परीक्षण करेगा। इन परीक्षणों के आधार पर यह आकलन किया जाएगा कि खिलाड़ी किस खेल विधा के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है, जिससे उसकी क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण और प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा सके।
हाल ही में जम्मू-कश्मीर में आयोजित राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में वर्ष 2036 के ओलंपिक तक भारत को पदक तालिका में शीर्ष पांच देशों में शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्ष 2024 के पेरिस ओलंपिक में भारत 71वें स्थान पर रहा था। इसी रणनीति के तहत विभिन्न राज्यों में स्पोर्ट्स साइंस से जुड़े आधुनिक ढांचे विकसित किए जा रहे हैं।
प्रदेश में हॉकी, फुटबॉल और तीरंदाजी जैसी खेल विधाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने की संभावनाओं को देखते हुए बहतराई में इस केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार भविष्य में सभी संभागों में ऐसे स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रही है।
देश में इस तरह का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में संचालित है, जिसे ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा की साझेदारी में विकसित किया गया है। इसके अलावा भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम, पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस), बेंगलुरु के द स्पोर्ट्स स्कूल तथा दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसरों में भी ऐसे केंद्र संचालित हैं। बिहार सरकार भी पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स साइंस सेंटर विकसित कर रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित