रायपुर , जुलाई 02 -- छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ खरीफ सीजन की खेती-किसानी ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य में अब तक 4.77 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी हो चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 10 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को किसानों को उनकी मांग के अनुरूप प्रमाणित खाद और बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के आज निर्देश दिए हैं। उन्होंने खाद-बीज वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करने तथा सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण और सतत निगरानी रखने के भी निर्देश दिए हैं।

कृषि विभाग के अनुसार, राज्य में अब तक किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरक तथा 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी लगातार बढ़ रही है। 2 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 96.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।

अधिकारियों के मुताबिक, खरीफ 2026 के लिए बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 4.30 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जिनमें से अब तक 3.09 लाख क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जो लक्ष्य का 62 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 2.67 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण हुआ था।

इसी प्रकार खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले सहकारी और निजी क्षेत्र में 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है तथा अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 47 प्रतिशत है।

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