रायपुर , जुलाई 23 -- छत्तीसगढ़ के मध्य और उत्तरी हिस्से के कई जिलों में गुरुवार को भी तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के अनेक क्षेत्रों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गयी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण सूरजपुर जिले के बिहारपुर क्षेत्र में बरगा नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से छह से अधिक गांवों का मुख्य सड़क संपर्क बाधित हो गया है। आवागमन ठप होने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार कर रहे हैं तथा कई स्थानों पर मोटरसाइकिलों को कंधे पर उठाकर ले जाने को विवश हैं।
उधर, कोरबा जिले में मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर बढ़ने के बाद हसदेव नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में संभावित बाढ़ को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं बीजापुर जिले की छिन्नकवाली पंचायत के पांच गांवों में भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर और पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। यहां अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
राज्य में मानसून की प्रगति अब भी सामान्य से कम बनी हुई है। एक जून से अब तक प्रदेश में 348.5 मिमी (13.7 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गयी है, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 444.6 मिमी (17.5 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। इस प्रकार प्रदेश में अब तक 22 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है और पूरा राज्य अभी भी सामान्य से कम वर्षा (डिफिशिएंट) श्रेणी में बना हुआ है।
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