रायपुर , जुलाई 30 -- छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि प्रदेश में अब एनालॉग पनीर की बिक्री की अनुमति नहीं होगी और इस संबंध में जल्द ही औपचारिक आदेश जारी किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश प्रभावी होने के बाद राज्य में एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लागू रहेगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कथित नकली पनीर की बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा था। इसके बाद खाद्य एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न जिलों में संदिग्ध पनीर के निर्माण और बिक्री के खिलाफ लगातार जांच और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा था।
एनालॉग पनीर दूध से तैयार होने वाले पारंपरिक पनीर से अलग उत्पाद है। इसे सामान्यतः वनस्पति तेल, विशेषकर पाम ऑयल, स्टार्च तथा अन्य खाद्य अवयवों के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इसका स्वरूप और स्वाद पनीर जैसा होता है, लेकिन पोषण की दृष्टि से यह पारंपरिक डेयरी पनीर का विकल्प नहीं माना जाता है।
राज्य सरकार के प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी होने के बाद इसके क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी जाएगी।
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