रायपुर , सितंबर 07 -- छत्तीसगढ़ में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने की कवायद के बीच परिवहन विभाग के सर्वे में तेज रफ्तार की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। राज्य के महज सात स्थानों पर लगाए गए लेजर आधारित स्पीड कैमरों ने एक महीने के भीतर 1.89 लाख तेज रफ्तार वाहनों की पहचान की है। कई स्थानों पर वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चलते पाए गए हैं।

सर्वे के मुताबिक तेज रफ्तार केवल राष्ट्रीय राजमार्ग या शहरों के बाहरी हिस्सों तक सीमित नहीं है। रायपुर के तेलीबांधा और वीआईपी रोड जैसे भारी यातायात वाले शहरी क्षेत्रों में भी कार और बाइक तेज रफ्तार से चलाए जाने के मामले सामने आए हैं।

राज्य में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। हेलमेट नहीं पहनने और ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने सहित अन्य मामलों में ऑनलाइन चालान भेजे जा रहे हैं। अभी तक तेज रफ्तार पर छिटपुट कार्रवाई होती रही है।

तेज रफ्तार पर कार्रवाई को लेकर यह सवाल भी उठता रहा है कि राज्य की सड़कों पर अलग से स्पीड लिमिट तय नहीं होने की स्थिति में कार्रवाई का आधार क्या है। विभागीय पड़ताल में सामने आया है कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए निर्धारित गति सीमा को राज्य में भी लागू किया गया है और उसी आधार पर कार्रवाई की जाती है। हालांकि भीड़ के बीच प्रत्येक वाहन की गति जांचने में सक्षम हाईटेक कैमरों की संख्या अभी सीमित है।

परिवहन विभाग ने फिलहाल धमतरी, अंबिकापुर, जगदलपुर, मंदिर हसौद, तेलीबांधा और वीआईपी रोड सहित सात लोकेशनों पर लेजर आधारित स्पीड कैमरे लगाकर सर्वे शुरू किया है।

पिछले एक माह के आंकड़ों में सबसे अधिक तेज रफ्तार मामले अंबिकापुर और धमतरी मार्ग पर दर्ज की गई। इन मार्गों पर बड़ी संख्या में वाहन 80 से 120 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से गुजरते मिले। रायपुर के मंदिर हसौद क्षेत्र में भी 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चलाने के मामले बड़ी संख्या में दर्ज हुए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, 100 किमी/घंटे से अधिक की रफ्तार ज्यादातर रात में दर्ज हुई है, लेकिन दिन के समय भी तेज रफ्तार से वाहन चलाए जा रहे हैं। खासकर बाइक चालकों की तेज रफ्तार सड़क सुरक्षा के लिहाज से बड़ा जोखिम बनकर सामने आई है।

सर्वे के बाद परिवहन विभाग अब लेजर स्पीड कैमरों को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) और ई-चालान प्रणाली से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में तय सीमा से अधिक रफ्तार वाले वाहन की फोटो, समय, स्थान और नंबर प्लेट कैमरे में स्वतः रिकॉर्ड होगी। इसके आधार पर संबंधित वाहन मालिक को ऑनलाइन चालान भेजा जाएगा।

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