रायपुर , जुलाई 02 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग का विशेष अभियान लगातार जारी है। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभिन्न जिलों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रेत, पत्थर, मिट्टी और गिट्टी के उत्खनन एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया जा रहा है। साथ ही संबंधित मामलों में नियमानुसार जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।

खनिज विभाग से गुरुवार को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार अभियान का उद्देश्य प्रदेश के खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा अवैध खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना है। राजनांदगांव जिले में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण से जुड़े 52 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 18 लाख 95 हजार 600 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इनमें अवैध उत्खनन के नौ, परिवहन के 41 तथा भंडारण के दो मामले शामिल हैं। वहीं डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम आसरा में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान नदी में रेत उत्खनन प्रतिबंधित पाया गया तथा मौके पर कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली।

बालोद जिले के ग्राम कसही में अवैध पत्थर उत्खनन की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक चेन माउंटेड (पीसी-130-7) मशीन जब्त कर सील कर दी गई। जांच के दौरान संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की गई।

बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र के ग्राम नरसिंहपुर और बसंतपुर में कार्रवाई के दौरान अवैध रेत परिवहन में प्रयुक्त एक टिपर जब्त किया गया। इसके अलावा बसंतपुर स्थित एक फ्लाई ऐश ब्रिक्स इकाई में अवैध रूप से भंडारित लगभग 90 घनमीटर रेत जब्त कर संचालक को नोटिस जारी किया गया।

सरगुजा जिले में प्राप्त शिकायतों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध मिट्टी, मुरूम, रेत एवं गिट्टी के उत्खनन तथा परिवहन में प्रयुक्त जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर सहित छह वाहन जब्त किए गए हैं। सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा संशोधित छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत कार्रवाई की जा रही है। संशोधित नियमों के अनुसार अब शमन शुल्क न्यूनतम 25 हजार रुपये अथवा दो हजार रुपये प्रति टन, जो भी अधिक होगा, के आधार पर वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त खनिज का बाजार मूल्य भी वसूला जाएगा।

खनिज विभाग ने कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

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