बलरामपुर, मार्च 11 -- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत त्रिपुरा गांव के सरना टोली में अफीम की अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद अब इसने राजनीतिक रंग ले लिया है। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच दल बुधवार को घटनास्थल पर पहुंचा और उसने मौके का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार की। टीम ने इस मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग की है।
कुसमी विकासखंड के त्रिपुरा गांव के सरना टोली इलाके में हाल ही में अफीम की अवैध खेती किए जाने का मामला उजागर हुआ था। यह क्षेत्र बलरामपुर जिले के संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है और यहां नक्सल गतिविधियों की भी आशंका रहती है। अफीम की खेती की सूचना मिलते ही पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर फसल को नष्ट कर दिया था। इस घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मच गया और मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों में बयानबाजी शुरू हो गई।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पार्टी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ नेताओं की एक टीम का गठन किया, जिसने बुधवार को त्रिपुरा गांव के सरना टोली का दौरा किया। इस टीम का नेतृत्व पूर्व विधायक प्रथम राम भगत ने किया। उनके साथ पूर्व विधायक भानु प्रताप सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवप्रसाद, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश्वर सिंह सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
जांच टीम ने सबसे पहले उस खेत का मुआयना किया, जहां कथित रूप से अफीम की खेती की गई थी। नेताओं ने खेत की मिट्टी और आसपास के हालात को गौर से देखा। इसके बाद टीम ने गांव के स्थानीय निवासियों और आसपास के लोगों से बातचीत की। टीम ने यह जानने की कोशिश की कि आखिर यह खेती कब से की जा रही थी, इसमें किन-किन लोगों का हाथ था और स्थानीय प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
मौके पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व विधायक भगत ने कहा, "यह बेहद गंभीर मामला है। प्रतिबंधित मादक पदार्थों की खेती होना सुरक्षा दृष्टिकोण से भी चिंता का विषय है। हमने मौके का दौरा किया है और स्थानीय लोगों से बातचीत की है। हमारी प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। हम मांग करते हैं कि इस मामले की जांच एसआईटी से कराई जाए ताकि इस गोरखधंधे में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। यह सिर्फ एक अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है।"वहीं एक अन्य पूर्व विधायक भानु प्रताप सिंह ने कहा, "हमारी टीम ने पूरे इलाके को देखा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस बात से अनजान थे। लेकिन सवाल यह है कि आखिर प्रशासन की नजरों से यह कैसे बच गया। यह प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। कांग्रेस पार्टी इस मामले को लगातार उठाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हम चाहते हैं कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और इसमें किसी भी स्तर पर मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।"जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव ने बताया कि उनकी टीम ने पूरे मामले का बारीकी से अध्ययन किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्यपाल और जिला प्रशासन को सौंपेगी और निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।
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