रायपुर , जुलाई 30 -- पश्चिम बंगाल और ओडिशा के ऊपर सक्रिय गहरे दबाव के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे तक कई जिलों में भारी की चेतावनी गुरुवार को जारी की गई। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग के अनेक क्षेत्रों में तेज वर्षा होने का अनुमान है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि 31 जुलाई से प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी।
पिछले 24 घंटे के दौरान रायपुर संभाग में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई जबकि सरगुजा, दुर्ग, बस्तर और बिलासपुर संभाग के विभिन्न इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश से कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है।
गरियाबंद जिले के सुहागपुर गौठान में बाढ़ का पानी भर जाने से एक ही परिवार के तीन बच्चों सहित सभी सदस्य करीब चार घंटे तक फंसे रहे। नगर सेना की टीम ने देर रात बचाव अभियान चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं गौठान में मौजूद लगभग 300 गायें अब भी पानी से घिरी हुई हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने की तैयारी की जा रही है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 26 जुलाई को उफनते लाट नाले को कार से पार करने के दौरान बह गए उप सरपंच और उनकी पत्नी का शव चार दिन बाद बरामद किया गया। बुधवार को घटनास्थल से लगभग तीन किलोमीटर दूर चिखली गांव के समीप कार मिली, जिसके भीतर दोनों के शव पाए गए।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया।
अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
रायपुर में गुरुवार को घने बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ वर्षा होने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
लगातार बारिश के बीच गरियाबंद जिले में उफनते सरगी नाले को पार करते समय सहसपुर निवासी थनवार यादव (55) बह गया। स्थानीय लोगों के अनुसार वह नशे की हालत में था। उसका शव करीब पांच किलोमीटर दूर खुटेरी गांव के पास मिला।
सक्ती जिले के नगरदा थाना क्षेत्र स्थित दमाऊधारा में लापता हुए दुर्ग-भिलाई निवासी प्रतीक कंवर (20) का शव भी बुधवार को बरामद कर लिया गया। वह मंगलवार को अपने दोस्तों के साथ घूमने आया था और झरने के तेज बहाव में बह गया था। लगभग 24 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद उसका शव मिला।
गरियाबंद जिले के सिकासार बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पैरी नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर में मंगलवार रात से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। देवपुरी से लालपुर स्थित फ्रूट मार्केट जाने वाली मुख्य सड़क भी पानी में डूब गई।
धमतरी जिले में भारी बारिश के बीच सोंढूर डैम के सभी गेट खोल दिए गए हैं। सोंढूर, दुधावा और गंगरेल जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोंढूर जलाशय से कैनाल के माध्यम से नियंत्रित रूप से पानी दुधावा जलाशय की ओर छोड़ा जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में सक्रिय गहरा दबाव सामान्य निम्न दबाव की तुलना में अधिक प्रभावशाली मौसम प्रणाली है। इसका केंद्र छत्तीसगढ़ के मध्य भाग तथा उत्तर आंतरिक ओडिशा के आसपास स्थित है और अगले 24 घंटे में पश्चिम की ओर बढ़ते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है। इसी कारण बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी प्रदेश में पहुंच रही है। मानसून द्रोणिका भी इसी प्रणाली से होकर गुजर रही है, जिससे विशेष रूप से रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में लगातार तेज बारिश का दौर बना हुआ है। इस प्रणाली के पश्चिम की ओर बढ़ने के बाद वर्षा की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं।
एक जून से 29 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में औसतन 477.8 मिमी (18.8 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 544.6 मिमी (21.4 इंच) होनी चाहिए थी। इस प्रकार राज्य में अब तक 12 प्रतिशत बारिश कम हुई है। हालांकि मौसम विभाग के मानकों के अनुसार यह स्थिति अभी भी 'सामान्य' श्रेणी में है।
जिला स्तर पर बारिश का वितरण असमान रहा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अब तक 769.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक है और यह प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां अत्यधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
प्रदेश के 33 जिलों के आंकड़ों के अनुसार, एक जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त बारिश, पांच जिलों में 20 से 59 प्रतिशत अधिक बारिश तथा 16 जिलों में सामान्य श्रेणी की बारिश हुई है। वहीं 11 जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत कम बारिश हुई है। किसी भी जिले में 60 प्रतिशत या उससे अधिक बारिश की कमी दर्ज नहीं की गई।
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