रायपुर/दुर्ग , जनवरी 31 -- किसान की मेहनत, उसकी फसल और उसके भविष्य से खिलवाड़ अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नकली बीज, नकली खाद और नकली कीटनाशकों के जरिए किसानों को नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार निर्णायक और दंडात्मक कार्रवाई करेगी। संसद के इसी सत्र में नया सीड एक्ट लाने की तैयारी है, जिसमें दोषियों पर भारी जुर्माने के साथ सजा का भी प्रावधान रहेगा।

यह स्पष्ट संदेश केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय प्रवास के दौरान दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान और कृषि का सर्वांगीण विकास है। नकली कृषि आदान किसानों के साथ केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि विश्वासघात है, और ऐसे तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

अपने दौरे की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री दुर्ग जिले के गिरहोला और खपरी गांव पहुँचे, जहां उन्होंने खेतों की मेड़ पर उतरकर किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान नर्सरी, खेत और कृषि फार्म का निरीक्षण कर फसल चक्र, बागवानी, बीज उत्पादन, सिंचाई और आधुनिक तकनीकों की जानकारी ली।

गिरहोला में आम का पौधरोपण करते हुए उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों के लिए दीर्घकालीन आय का मजबूत साधन बन सकता है। उन्होंने कृषि के साथ बागवानी और वृक्ष आधारित खेती अपनाने पर जोर दिया।

खपरी स्थित कृषि फार्म निरीक्षण और किसान चौपाल में संवाद के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान पारंपरिक धान खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं। धान के साथ बागवानी, सब्जी उत्पादन और फसल विविधीकरण से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेती से जहां प्रति एकड़ 35-40 हजार रुपये का लाभ होता है, वहीं आधुनिक बागवानी और हाई-टेक खेती से यह लाभ 1 से 2 लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच सकता है।

रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राज्य में वैज्ञानिकों, किसानों और केंद्र-राज्य अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह टीम स्थानीय कृषि जलवायु के अनुसार फसल विविधता, उत्पादकता और आय बढ़ाने की रणनीति तैयार करेगी।

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