कबीरधाम/रायपुर , मार्च 22 -- छत्तीसगढ़ को संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल के रूप में विकसित एवं समृद्ध बनाने का संकल्प राज्य सरकार ने लिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह बात आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर पुष्प अर्पित किए और उनके साहस, स्वाभिमान एवं राष्ट्रभक्ति को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद अवंतीबाई लोधी ने अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष कर सर्वोच्च बलिदान दिया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुकरणीय है।
उन्होंने लोधी समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है तथा स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान समय तक देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और होली से पहले अंतर राशि का भुगतान कर उन्हें राहत दी गई है।
'महतारी वंदन योजना' के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है तथा अब तक 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि 'रामलला दर्शन योजना' के अंतर्गत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। साथ ही युवाओं को अवसर देने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये, मिनी स्टेडियम निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की घोषणा की।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, विधायक भावना बोहरा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, लोधी समाज के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
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