रायपुर , मार्च 01 -- छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा नागपुर प्रवास से लौटने के बाद रविवार को मीडिया से चर्चा में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नागपुर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के दौरान प्रदेश की अधोसंरचना से जुड़े अहम प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लिया गया है।

गृहमंत्री के अनुसार कवर्धा-जबलपुर तथा कवर्धा-रायपुर मार्ग पर प्रस्तावित बाईपास निर्माण को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके साथ ही धवईपानी से सिमगा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के हिस्से को फोरलेन में उन्नत करने की मांग भी स्वीकार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय यातायात सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

श्री शर्मा ने बालांगीर-बरगढ़-महासमुंद डिवीजन से जुड़े 15 नक्सलियों के आत्मसमर्पण को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस डिवीजन में तीन सीमावर्ती क्षेत्र शामिल थे और वेस्ट सब-जोनल संरचना के अंतर्गत कार्यरत नेतृत्व स्तर के सदस्यों का भी पुनर्वास किया गया है। आत्मसमर्पण करने वालों में नौ महिलाएं और छह पुरुष शामिल हैं। इनके पास से तीन एके-47 और दो एसएलआर बरामद हुए हैं। साथ ही बस्तर क्षेत्र से जुड़े 14 अन्य व्यक्तियों का भी पुनर्वास प्रक्रिया के तहत समावेशन किया गया है।

प्रदेश में नक्सल गतिविधियों की स्थिति पर श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में अब बहुत कम क्षेत्र प्रभावित रह गए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में नक्सलवाद के पूर्ण समापन में अधिक समय शेष नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की अवधारणा में एक सशस्त्र कैडर की उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जाती है। जब यह संरचना समाप्त हो जाएगा, तभी नक्सलवाद के पूरी तरह खत्म माना जाएगा।

कांग्रेस द्वारा प्रसारित 'दे दे बुलावा मुसवा' शीर्षक फाग गीत पर जारी राजनीतिक विवाद को लेकर भी गृहमंत्री ने कहा कि पारंपरिक ग्रामीण परिवेश में 'दे दे बुलावा राधे को' जैसे गीत लंबे समय से गाए जाते रहे हैं। यदि किसी दल ने उसकी पैरोडी बनाई है तो उसके आशय पर वही स्पष्ट कर सकते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित