रायपुर, मार्च 17 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार का दिन राजनीतिक गतिविधियों से गरमाया रहा। आज कांग्रेस पार्टी द्वारा विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित था। वहीं दूसरी ओर विधानसभा के अंदर अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछली कांग्रेस सरकार पर जमकर हमले बोले।
कांग्रेस ने घेराव से पहले भारत माता चौक शंकर नगर में एक सभा की। सभा के दौरान छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के कामों और नीतियों की आलोचना की। सभा से 300 मीटर दूर टीन की ऊंची बैरिकेडिंग के जरिए कांग्रेस के नेताओं को विधानसभा से काफी किलोमीटर दूर पुलिस रोकने में सफल रही।
कांग्रेस ने विधानसभा घेराव को ऐतिहासिक रूप से सफल बताया है जबकि बैरिकेडिंग के नजदीक सिर्फ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और देवेंद्र यादव ही कुछ समर्थकों के साथ पहुंच सके। पुलिस ने टीन के शेड्स को लंबाई में खड़े किया था। पुलिस की यह तकनीकी काम आई, विधानसभा से काफी किलोमीटर पहले सारे कांग्रेसियों को रोक पाने में पुलिस सफल रही।
घेराव से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को कमजोर कर रही है। पायलट ने आरोप लगाया, "पहले केंद्र सरकार मनरेगा का 90 प्रतिशत पैसा देती थी, अब 60-40 का फॉर्मूला लागू कर दिया गया है। यह गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर हमला है।" उन्होंने किसानों के मुद्दे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ समझौता करके देश के किसानों के हितों की उपेक्षा की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं और किसानों से धान खरीदी के वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा की सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा दी है और नशे का कारोबार बढ़ा है। जनता त्रस्त है और 2028 में इस सरकार को सत्ता से बेदखल कर देगी।"नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा सरकार केवल उद्योगपतियों की आवाज सुनती है और गरीबों, किसानों की उपेक्षा करती है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा के माध्यम से गरीबों का अधिकार छीन रही है। उन्होंने गैस सिलेंडर की कमी और कीमतों में वृद्धि को लेकर भी सरकार की आलोचना की। बघेल ने कहा, "पूरा देश गैस सिलेंडर के लिए तरस रहा है और '56 इंच' की सरकार किसानों को एक बोरी यूरिया नहीं दिला पा रही है।"दूसरी ओर, विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछली कांग्रेस सरकार पर जोरदार प्रहार किए। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन को अप्रासंगिक बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में विकास को ठप्प कर दिया था।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, "कांग्रेस के नेता बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन उनसे पूछा जाना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे तो बंद पड़ी सिंचाई योजनाओं पर उनकी नजर क्यों नहीं गई।" उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने अटल सिंचाई योजना के माध्यम से 115 बंद परियोजनाओं को पुनः आरंभ किया है, जिससे 76 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के कार्यकाल को 'कुशासन' करार देते हुए आरोप लगाया, "पिछली सरकार के संरक्षण में रेत माफिया नदियों को छलनी कर रहे थे। नेतृत्व के करीबियों ने रेत कारोबार पर कब्जा जमा लिया था, जिससे रेत की कीमतें आसमान छूने लगीं।" उन्होंने कहा कि उस समय मात्र 89 रेत खदानें कानूनी रूप से चल रही थीं, और जनजातीय व गैर-जनजातीय क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नियम बनाकर असमानता को बढ़ावा दिया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित