रायपुर , अगस्त 25 -- छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आज आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के उद्घाटन की आधिकारिक घोषणा और लॉन्चिंग की गई। फ़्रैंचाइज़ी-आधारित लीग रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में 21 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित तारीखों पर शुरू होगी।
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो, संयुक्त निदेशक प्रभाकर पांडे और फ़िरोज़ अंसारी, अध्यक्ष, हॉकी छत्तीसगढ़ और संयुक्त सचिव, हॉकी इंडिया की उपस्थिति में लीग के आधिकारिक लोगो का अनावरण किया। यह अवसर राज्य और देश में हॉकी के इतिहास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, "छत्तीसगढ़ में विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत आधार मौजूद है और यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हम आधिकारिक राज्य स्तरीय हॉकी लीग शुरू करने वाला पहला राज्य बन रहे हैं। यह राष्ट्रीय खेल के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पिछले वर्षों में किए जा रहे प्रयासों का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग भारतीय हॉकी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है, जो आगे चलकर एक समृद्ध और गौरवशाली अध्याय का रूप ले सकती है। हमारा मुख्य उद्देश्य हमेशा से राज्य के खिलाड़ियों को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए बेहतर से बेहतर अवसर उपलब्ध कराना रहा है और हमें विश्वास है कि सीएचएल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।"छत्तीसगढ़ हॉकी लीग भारत की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय हॉकी लीग है और इसमें राज्य के छह शहरों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी। लीग का आयोजन लीग प्रारूप में किया जाएगा, जिसमें शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। सेमीफाइनल मुकाबले नॉकआउट प्रारूप में खेले जाएंगे। फ़ाइनल 1 नवंबर 2026 की प्रस्तावित तारीख़ पर खेला जाएगा और साथ ही महिला टीमों के बीच एक विशेष प्रदर्शनी मैच भी होगा। इस लीग में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में भारतीय हॉकी के दिग्गज और ओलंपिक पदक विजेता गुरजंत सिंह, शमशेर सिंह और सुरेंद्र कुमार के साथ-साथ भारतीय टीम के अन्य अहम खिलाड़ी जसकरण सिंह और देविंदर वाल्मीकि शामिल होंगे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के आधिकारिक लोगो और मैस्कॉट का भी अनावरण किया गया, साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाली छह टीमों के नाम भी जारी किए गए। लोगो में छत्तीसगढ़ के मानचित्र को प्रमुखता से स्थान दिया गया है, जो लीग के केंद्र में राज्य की पहचान और गौरव को दर्शाता है। खिलाड़ी के पीछे प्रदर्शित छत्तीसगढ़ का मानचित्र क्षेत्रीय गौरव और अपनत्व की भावना को दर्शाता है तथा यह संदेश देता है कि यह छत्तीसगढ़ की अपनी हॉकी लीग है। मानचित्र में केसरिया और हरे रंग का संयोजन इसे मजबूत भारतीय पहचान प्रदान करता है, जबकि नारंगी रंग की गतिशील रेखा ऊर्जा, गति और महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। चेहरारहित और शैलीबद्ध खिलाड़ी की आकृति इस पहचान को समावेशी बनाती है और यह छत्तीसगढ़ के प्रत्येक हॉकी खिलाड़ी का प्रतिनिधित्व करती है, चाहे वह खेल में आगे बढ़ने का सपना देखने वाला युवा खिलाड़ी हो या स्थापित खिलाड़ी।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के आधिकारिक मैस्कॉट 'बाघवा' (बाघ) का भी अनावरण किया गया। 'बाघवा' नाम का अर्थ है "बाघ"। यह मैस्कॉट मैदान पर मुकाबले की भावना को दिखाता है और साथ ही मैदान के बाहर राष्ट्रीय गौरव का संदेश भी देता है। बाघ छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीव विरासत का प्रतीक है। यह साहस, शक्ति और दृढ़ता का संदेश देता है, और साथ ही संघर्ष की भावना तथा मैदान में अपना दबदबा कायम करने की आकांक्षा को भी दर्शाता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित