नयी दिल्ली , सितंबर 27 -- भारतीय राष्ट्रीय कला और सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट (इनटैक) आयोजित प्रदर्शनी में मिथिला की कलाकृतियों और शिल्पों के संग्रह से छठ पर्व तथा सूर्य उपासना से जुड़ी कलात्मक, सांस्कृतिक और अनुष्ठानिक परंपराओं को प्रदर्शित किया जायेगा।
'अर्घ्य' शीर्षक वाली यह प्रदर्शनी 28 सितंबर को लोधी एस्टेट स्थित इनटैक मुख्यालय में शुरू होगी और एक अक्टूबर तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी। इसमें छठ से जुड़े अनुष्ठानों, परंपराओं और सामुदायिक अभ्यासों को दर्शाने वाली मूल मिथिला कलाकृतियों तथा शिल्पों को प्रदर्शित किया जायेगा।
इनटैक के अनुसार, इस प्रदर्शनी का उद्देश्य इस त्योहार से जुड़ी जीवंत परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ कला, अनुष्ठान, समुदाय और सांस्कृतिक स्मृतियों के बीच के संबंध को बताना है। पीढ़ियों से चले आ रहे इन अभ्यासों को प्रस्तुत करने के लिए मिथिला कला और शिल्प की विशिष्ट दृश्य शैली का उपयोग किया जायेगा।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश 28 सितंबर को सुबह 11 बजे इनटैक के अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर और सदस्य सचिव रवींद्र सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त) की उपस्थिति में इस प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।
30 सितंबर को इनटैक मुख्यालय में 'छठ पर्व का इतिहास और महत्व - सूर्य उपासना' विषय पर संगोष्ठी का भी आयोजन किया जायेगा। इस सत्र में सूर्य उपासना की निरंतर चली आ रही परंपराओं पर चर्चा के साथ-साथ इसके ऐतिहासिक, मूर्तिकला संबंधी, स्थापत्य और प्रतिमा विज्ञान के पहलुओं की समीक्षा की जायेगी।
इस प्रदर्शनी का आयोजन इनटैक के विरासत शिल्प और समुदाय प्रभाग की ओर से किया गया है। यह प्रदर्शनी 28 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच सुबह 10.30 बजे से शाम छह बजे तक 71, लोधी एस्टेट, नयी दिल्ली में आगंतुकों के लिए खुली रहेगी।
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