बारां , अगस्त 17 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को राजस्थान के बारां में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को दो लाख 89 हजार 355 आवासों की स्वीकृति एवं 3473 करोड़ रुपये की परियोजना का पत्र सौंपा।
श्री चौहान ने साथ ही कृषि उन्नति एवं पीएम आरकेवीवाई के लिए 340.59 करोड़ रुपए की राशि का भी स्वीकृति पत्र दिया। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, प्रभारी मंत्री एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय निवासी मौजूद थे। इस अवसर पर श्री चौहान ने कहा कि राजस्थान के गरीब भाई-बहनों को पक्के घर देने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प पूरा किया जा रहा है। आज 3473 करोड़ रुपये की लागत से दो लाख 89 हजार 355 घरों की स्वीकृति राजस्थान को समर्पित की जा रही है, यह सौगात सीधे उन परिवारों के जीवन में बदलाव लायेगी जो अभी तक कच्चे मकान में रहते थे। साथ ही कृषि से जुड़ी योजनाओं के तहत 340.59 करोड़ रुपये भी राज्य के विकास के लिए जारी किये गये।
उन्होंने बताया कि 29 लाख 13 हजार 749 नये लाभार्थियों का सर्वे किया गया है और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद शेष पात्रों को भी घर आवंटित किये जाएंगे। उन्होंने जिला और पंचायत स्तर पर पारदर्शी लिस्ट चिपकाने, आपत्तियां सुनने और गलत कटौती रोकने का निर्देश दिया ताकि पात्रों के नाम गलती से न कटें।
श्री चौहान ने प्रमुख तीन बदलाव घोषित किये, जिसमें दोपहिया वाहन रखने वालों को भी अब पक्का आवास मिलेगा (पहले यह रोक थी)। जिन महिलाओं की आमदनी 15 हजार रुपए प्रति महीने तक है, उन्हें भी आवास का लाभ मिलेगा (पहले सीमा 10 हजार रुपए थी)। छोटे किसानों के लिए जिनके पास पांच एकड़ असिंचित या 2.5 एकड़ सिंचित जमीन है, उन्हें भी मकान के लिए सहायता दी जाएगी।
उन्होंने श्री मोदी की प्राथमिकता महिला सशक्तिकरण बताते हुए कहा कि राजस्थान में अब तक 16 लाख लखपति दीदी बनी हैं, लक्ष्य को दोगुना कर 32 लाख तक ले जाने की घोषणा उनके द्वारा की गयी। उन्होंने बताया कि अब तक 13 हजार 400 करोड़ रुपये विभिन्न बैंकों से बहनों को उद्यम के लिए वितरित किये जा चुके हैं।
उन्होंने नयी विकसित भारत- जी राम जी योजना का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य को अगले नौ महीनों में 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया गया है। इसका असर हर पंचायत तक पहुंचेगा, गणना के अनुसार लगभग हर पंचायत को सालाना 80 लाख रुपये मिलने का लक्ष्य है। श्री चौहान ने स्पष्ट कहा कि गांव के काम दिल्ली या जयपुर नहीं तय करेंगे, विकास की योजनाएं पंचायत-स्तर पर जनता तय करेगी।
किसानों के लिए यूरिया की उपलब्धता पर उन्होंने बताया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बावजूद यूरिया का बोझ किसानों पर नहीं डाल रही है और जो बोरी तीन हजार रुपए में आ रही है, किसान को मात्र 266 रुपए में मिले, इसकी व्यवस्था की गयी है। उन्होंने काले बाजारी रोकने और सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।
उन्होंने कहा कि नकली कीटनाशक और घटिया बीजों के खिलाफ पुराने कानून पर्याप्त नहीं हैं। संसद के अगले सत्र में पेस्टिसाइड एवं सीड एक्ट सहित सख्त कानून लाने की उन्होंने घोषणा की, ताकि बेईमानों को कठोर दंड मिले और किसान सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
श्री चौहान ने कहा कि वह वैज्ञानिकों एवं स्थानीय किसानों के साथ मिलकर कोटा-झालावाड़ क्षेत्र का कृषि रोडमैप तैयार कराएंगे- इसमें नयी फसलों, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट तक की वैल्यू-चेन पर काम होगा ताकि खेत से ग्लोबल मार्केट तक किसान की आय बढ़े।
उन्होंने श्री मोदी के नेतृत्व एवं राज्य सरकार की तारीफ की, साथ ही नागरिकों से सेवा, पेड़-पौधे लगाने, बेटियों की पढ़ाई और नशामुक्ति जैसे सामाजिक कर्तव्यों में सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने लोगों को संकल्प दिलवाया और विकसित राजस्थान और विकसित गांव के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का न्योता दिया।
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