चेन्नई , जनवरी 20 -- तमिलनाडु विधानसभा का नए वर्ष का यह पहला सत्र 24 जनवरी तक चलेगा।

विधानसभा का सत्र राज्यपाल आर एन रवि के द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक संबोधन को दिए बिना और राष्ट्रगान न गाए जाने के मुद्दे पर बहिर्गमन के साथ शनिवार को शुरू हुआ था।

सत्र की अवधि पर फैसला राज्य सचिवालय में विधानसभा अध्यक्ष एम अप्पावु की अध्यक्षता में उनके कक्ष में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में तमिलनाडु के मंत्रियों और विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया।

दिन की कार्यवाही स्थगित होने के कुछ ही देर बाद जब अध्यक्ष ने राज्यपाल के भाषण का तमिल संस्करण पढ़ा, तो कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसके बाद घोषणा की गई कि वर्तमान और पूर्व सदस्यों के लिए शोक प्रस्ताव पारित करने के बाद सदन बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। वहीं, 22 और 23 जनवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस होगी।

विपक्ष के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी (अन्नाद्रमुक ) 23 जनवरी को बहस का समापन करेंगे और अगले दिन मुख्यमंत्री एम के स्टालिन बहस का जवाब देंगे, जिसके बाद वर्तमान सत्र स्थगित कर दिया जाएगा।

तमिलनाडु में चार महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं और वर्ष 2026-27 का अंतरिम बजट पेश करने के लिये फरवरी के आखिरी हफ्ते या मार्च के पहले हफ्ते में फिर से विधानसभा के सत्र को बुलाया जाएगा। चुनावों के बाद और अगली सरकार के कार्यभार संभालने के बाद सदन में पूर्ण बजट पेश किया जाएगा।

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