भिवानी , जुलाई 25 -- हरियाणा के भिवानी के चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय का 13वां स्थापना दिवस प्रेमनगर स्थित नए परिसर में स्वामी डॉ. सदानंद महाराज के सानिध्य में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर खेल एवं युवा सांस्कृतिक गतिविधियों के पुरस्कार वितरण समारोह तथा वीर माता जीजाबाई सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हवन-यज्ञ से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सीआरएसयू जींद के कुलगुरु प्रो. रामपाल सैनी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा, सभी डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, विद्यार्थी एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि विज्ञान के युग में आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ो संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़े रहना आवश्यक है। उन्होंने विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने का आह्वान करते हुए कर्मचारियों से सच्चाई, ईमानदारी कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ विश्वविद्यालय की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आग्रह किया।
मुख्य अतिथि प्रो. रामपाल सैनी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी जिम्मेदार नागरिक तैयार कर विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करना है। उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रसेवा के महत्व पर बल दिया तथा हरियाणवी रागनी प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
स्वामी डॉ. सदानंद महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि राष्ट्र की रक्षा प्रत्येक नागरिक का परम धर्म है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
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