भुवनेश्वर , फरवरी 16 -- भुवनेश्वर के जेवियर लॉ स्कूल के तत्वाधान में आयोजित चौथी जेवियर मूट कोर्ट प्रतियोगिता (एक्सएमसीसी 2026) का शानदार समापन हुआ।
आपराधिक कानून और फोरेंसिक जांच पर केंद्रित इस प्रमुख आयोजन में पंजीकृत 29 टीमों के प्रारंभिक समूह में से, एनएलयू नागपुर, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, केआईआईटी स्कूल ऑफ लॉ, द तमिलनाडु डॉ. अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी, मधुसूदन लॉ यूनिवर्सिटी, एसओए, आर्मी लॉ कॉलेज, दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय और आनंद लॉ कॉलेज सहित प्रमुख संस्थानों की 24 उत्कृष्ट टीमों ने मुकाबला किया।
यह यात्रा पंजीकरण, मेमोरियल जमा करने और ब्रीफिंग के साथ शुरू हुई। 12 फरवरी को रिसर्चर्स टेस्ट और उसके बाद प्रिलिमिनरी राउंड एक और दो का आयोजन हुआ, जिसका फैसला 24 अनुभवी विशेषज्ञों के एक पैनल ने किया।
दूसरे दिन तीव्रता और बढ़ गई, जिसमें 'डिवीजन बेंच क्वार्टर फाइनल' और कड़े मुकाबले वाले 'सेमीफाइनल' हुए। यहाँ तर्कों के माध्यम से जांच की खामियों, साक्ष्य श्रृंखलाओं, फोरेंसिक विरोधाभासों और राज्य की शक्ति व व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच नाजुक संतुलन का विश्लेषण किया गया।
ग्रैंड फिनाले एक प्रतिष्ठित पांच-न्यायाधीशों की पीठ के सामने हुआ। फाइनलिस्टों ने उल्लेखनीय धैर्य दिखाया और फोरेंसिक रिपोर्टों, वैधानिक प्रावधानों, ऐतिहासिक मिसालों और बेंच के निरंतर सवालों पर लगातार चर्चा की और जवाब दिया।
इस प्रतियोगिता के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआर एंड डी) के तहत , जयपुर के 'सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट' (सीडीटीआई) के साथ रणनीतिक सहयोग किया गया था।
निर्णायक मंडल में वरिष्ठ अधिवक्ताओं, लोक अभियोजकों, सहायक लोक अभियोजकों, न्यायपालिका के सदस्यों, शीर्ष कानून स्कूलों के संकायों, मूट कोचों और कानूनी फर्मों के नेतृत्वकर्ताओं की एक प्रभावशाली टीम शामिल थी।
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