उज्जैन , सितंबर 30 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन नगरी उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर शहर की आंतरिक सड़कों के चौड़ीकरण के तहत छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को समाजजनों द्वारा तीसरे दिन भी शांतिपूर्ण एवं स्वेच्छा से हटाने का कार्य जारी रहा।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा की समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद सहमति बनी थी। इसके बाद चौड़ीकरण की जद में आ रहे मस्जिद के हिस्से को समाजजनों द्वारा स्वयं हटाया जा रहा है।

पुलिस ने आमजन से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए कहा कि शहर में स्थिति शांतिपूर्ण एवं नियंत्रण में है। चौड़ीकरण कार्य की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं। संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

पुलिस के अनुसार 28 सितंबर को विभिन्न थाना क्षेत्रों में उपद्रव, शासकीय कार्य में बाधा, पथराव, धार्मिक सौहार्द प्रभावित करने वाली गतिविधियों, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने तथा कलेक्टर के आदेश के उल्लंघन के मामलों में प्रकरण दर्ज किए गए। इन मामलों में अब तक करीब 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

महाकाल थाना में तीन प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें धार्मिक सौहार्द प्रभावित करने वाले वक्तव्य और कलेक्टर के आदेश के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई की गई है। एक अन्य प्रकरण में अब्दुल शाकीर, अल्तमस, अरबाज और वसीम को गिरफ्तार किया गया है। खाराकुआं थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाकर अपलोड करने, विरोध प्रदर्शन तथा धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में पांच आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। टंकी चौराहा और मावा बाजार में एकत्रित होकर पुलिस के शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने तथा कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन करने के मामलों में भी प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

कोतवाली थाना पुलिस ने काजी के घर पहुंचकर नारेबाजी एवं पथराव करने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में भी प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार इन सभी मामलों में करीब 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है तथा शेष आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। धार्मिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली आपत्तिजनक, भ्रामक अथवा अफवाहजनक सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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