पटना , जनवरी 10 -- बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य के सभी प्रमंडलों में एक-एक फैसिलिटेशन काउंसिल का गठन कराने का अनुरोध उद्योग मंत्री, डा. दिलीप कुमार जायसवाल एवं उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार से किया है।
चैम्बर अध्यक्ष पी. के.अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि वर्तमान में राज्य में एक मात्र फैसिलिटेशन काउंसिल उद्योग विभाग, पटना में कार्यरत होने के कारण प्रदेश की बहुत सारी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाईयों (एमएसएमई) के भुगतान संबंधी विवादों का समय से निराकरण नहीं हो पा रहा है, साथ ही पटना से बाहर के उद्यमियों को बराबर पटना आना-जाना पड़ता है, जिससे उनकी समय की बर्बादी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
श्री अग्रवाल ने बताया कि एमएसएमई अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत राज्य सरकार एक या एक से अधिक माइक्रो एंड स्माल इंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल खोल सकती है.।इसके तहत देश के कई राज्यों की सरकारों ने अपने-अपने प्रदेश में कार्यरत एमएसएमई इकाईयों के भुगतान संबंधी विवादों का निपटारा के लिये एक से अधिक फैसिलिटेशन काउंसिल का गठन कराया है, जिससे राज्य के उद्यमियों को ससमय विवादित भुगतान प्राप्त हो सके क्योंकि भुगतान समय पर प्राप्त नहीं होने से उद्यमियों को कार्यशील पूंजी कि समस्याओं से जूझना पड़ता है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि बिहार राज्य के सभी प्रमंडलों में फैसिलिटेशन काउंसिल खुल जाने से सम्बन्धित उद्यमियों को भुगतान सम्बन्धी विवादों का निपटारा उनके प्रमंडल में ही हो जायेगा और उन्हें पटना आने कि आवश्यकता नही रहेगी. इससे राज्य के औद्योगिकरण को और गति मिलेगी साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम को और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
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