प्रयागराज, अगस्त 02 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के दरियाबाद में 7 अगस्त 2026 को 72 ताबूतों का जुलूस निकाला जाएगा। अंजुमन खुद्दाम-ए-मोजिजनुमा रजिस्टर्ड द्वारा आयोजित यह जुलूस हजरत इमाम हुसैन और कर्बला की जंग में शहीद हुए उनके 72 साथियों की याद में निकाला जाता है। इसे इस्लामी इतिहास की सबसे बड़ी कुर्बानी का प्रतीक माना जाता है।

संस्था के अध्यक्ष सैयद रजा हसनैन एडवोकेट ने आज मीडिया से बात करते हुए बताया कि जुलूस सुबह 8 बजे दरियाबाद स्थित इमामबाड़ा जद्दन मीर साहब से शुरू होगा। इसमें 72 शहीदों की याद में ताबूत, अलम और जुलजनाह शामिल किए जाएंगे। यह जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए दरियाबाद कब्रिस्तान पहुंचेगा, जहां श्रद्धालु शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे।यह जुलूस मोहर्रम के बाद चेहल्लुम (चेहलुम) के अवसर पर निकाला जाता है। चेहल्लुम कर्बला की घटना के 40 दिन बाद मनाया जाता है, जब हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को दुनिया भर में याद किया जाता है। प्रयागराज का यह आयोजन देश के सबसे पुराने और प्रमुख धार्मिक जुलूसों में से एक है।इस वर्ष प्रयागराज के साथ जौनपुर, कौशांबी, सीतापुर, महमूदाबाद और बुलंदशहर सहित कई जिलों की मातमी अंजुमनें भाग लेंगी। ईरान और बलूचिस्तान से 200 से अधिक जायरीन और श्रद्धालु भी इस आयोजन में शामिल होंगे। लाखों लोग सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देश-विदेश से इसका सीधा प्रसारण देखेंगे।

आयोजकों के अनुसार, जुलूस के दौरान नौहाख्वानी, मातम और मजलिस का आयोजन किया जाएगा। कई प्रसिद्ध अंजुमनें पारंपरिक तरीके से मातम पेश करेंगी।

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