चेन्नई , मई 08 -- दक्षिणी रेलवे के चेन्नई मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कबाड़ निपटान से अब तक की सबसे ज़्यादा कमाई की है और इस तरह से गैर-किराया राजस्व जुटाने के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की है।
मंडल ने इस दौरान 11,906 टन कबाड़ का निपटान किया, जिसमें हटाई गई रेल पटरियाँ, खराब मशीनें, औज़ार, लौह और अलौह सामग्री और रेलवे की अन्य पुरानी संपत्तियाँ शामिल थीं। इससे 37.2 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ। यह पिछले वर्ष (वित्त वर्ष 2024-25) से अधिक है। वित्त वर्ष 2024-25 में 8,466 टन कबाड़ का निपटान हुआ था और 30.3 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था।
रेलवे के अनुसार यह उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कबाड़ निपटान की मात्रा में 40 प्रतिशत से ज़्यादा की वृद्धि और राजस्व में लगभग सात करोड़ रुपये की बढ़ोतरी को दर्शाती है। इस तरह चेन्नई रेल मंडल ने कबाड़ प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
रेलने ने कहा है कि यह रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन लगातार निगरानी, कबाड़ सामग्री की व्यवस्थित पहचान और उन्हें अलग करने, पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रियाओं के ज़रिए समय पर उनका निपटारा करने और मंडल के विभिन्न विभागों के आपसी तालमेल वाले प्रयासों से संभव हो पाया। कबाड़ निपटारे के लिए चलाए गए इस ज़ोरदार अभियान के कारण रेलवे की कीमती जगह खाली हुई है, साफ़-सफ़ाई के मानकों में सुधार हुआ है और पूरे रेलवे परिसर में सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है।
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