नयी दिल्ली , अगस्त 21 -- केंद्र सरकार ने चेन्नई में जल आपूर्ति, स्वच्छता प्रणालियों के आधुनिकीकरण के लिए सरकार 23 करोड़ डॉलर के ऋण के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
वित्त मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार ऋण के लिए बातचीत वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग में संयुक्त सचिव (एडीबी एवं जापान) बलदेव पुरुषार्थ के मार्गदर्शन में की गई। बातचीत के बाद ऋण के कारार पर भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के उप सचिव सौरभ सिंह और एडीबी की ओर से भारत उसकी स्थानीय निदेशिका मियो ओका ने हस्ताक्षर किए।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि एडीबी की इस सहायता से चेन्नई में विकसित की जाने वाली परियोजना के तहत 170 किलोमीटर से अधिक लंबी जल आपूर्ति और सीवर पाइपलाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा इसमें, सात जल पंपिंग स्टेशनों और 38 सीवर पंपिंग स्टेशनों के उन्नयन का काम भी शामिल है।
इसके साथ ही, चेन्नई व्यापक रिंग-मेन समाधान लागू करने वाला भारत का पहला शहर बन जाएगा। रिंग-मेन एक बंद-लूप पाइपलाइन प्रणाली है, जिसे जल का संतुलित दबाव बनाए रखने और सेवा क्षेत्रों में पानी की कुशल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे शहरी जल आपूर्ति प्रणाली की विश्वसनीयता, समानता और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति लचीलापन बेहतर होगा।
एडीबी सीधी निगरानी, डेटा-आधारित निर्णय लेने और ग्राहकों की जरूरतों के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया के माध्यम से जल और स्वच्छता सेवाओं के डिजिटल रूपांतरण में भी सहायता करेगा।
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