चेन्नई , अक्टूबर 18 -- तमिलनाडु की राजधानी और इसके उपनगरों और उत्तरी तटीय जिलों में बीती रात मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान कुछ इलाकों में 30 सेंटीमीटर से भी ज्यादा की बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने बादल फटने जैसी किसी भी घटना से इनकार किया है। उसने बताया कि यह संवहनीय गतिविधि (कन्वेक्टिव एक्टिविटी) का नतीजा है।

शनिवार रात शुरू हुई यह बारिश लगातार तेज होती गई और रविवार तड़के तक नहीं थमी । झमाझम पानी से कई रिहायशी इलाके और आयकर व 'हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती' (एचआर एंड सीई) विभाग के दफ्तरों समेत कई सरकारी परिसर जलमग्न हो गए। बारिश शुरू होते ही नगर निगम कर्मियों को मैदान में उतार दिया गया, जो जमा पानी को निकालने में जुटे रहे। पश्चिमी उपनगर वेलाचेरी के एजीएस नगर में तो बाढ़ जैसे हालात बन गए। चेन्नई के अलावा कई अन्य जिलों में भी भारी बारिश हुई है, क्योंकि दो दिन पहले सक्रिय हुआ पूर्वोत्तर मानसून अब और जोर पकड़ चुका है।

मौसम विभाग ने चेन्नई के लिए आज 'रेड अलर्ट' (20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश) और पड़ोसी जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं को चेतावनी ध्वनि के साथ रेड अलर्ट संदेश भेजकर लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है। पूर्वोत्तर मानसून की बारिश के अलावा अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से और बारिश होने की संभावना है।

चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में हुई इस अति जोरदार बारिश पर मौसम विभाग ने कहा कि यह उत्तरी तटीय तमिलनाडु के ऊपर हवाओं के बढ़ते अभिसरण (विंड कन्वर्जेंस) और नमी के बहाव के कारण हुआ है। मौसम विभाग ने कहा, "17 अक्टूबर रात का चेन्नई और इसके आसपास के इलाकों में तेज और व्यापक बारिश हुई, जिसमें क्षेत्र के कुछ हिस्सों में अधिक से बहुत अधिक और कुछ स्थानों पर अति अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। यह बारिश उत्तरी तमिलनाडु और उससे सटे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 4.5 किमी और 5.8 किमी के बीच बने एक ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण से जुड़ी थी।"मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवातीय परिसंचरण ने उत्तरी तटीय तमिलनाडु पर हवा के अभिसरण और नमी के बहाव को बढ़ा दिया। इन अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों ने क्युमुलोनिम्बस बादलों सहित गहरे संवहनीय बादलों के बनने और उन्हें मजबूत करने में मदद की, जिसके परिणामस्वरूप रात के दौरान चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में जोरदार और जबरदस्त बारिश हुई।

बादल फटने के मानदंड और बारिश के इस घटनाक्रम के आकलन पर मौसम विभाग ने स्पष्ट किया कि भारत में पारंपरिक रूप से बादल फटने की घटना उसे माना जाता है, जब छोटे से दायरे में एक घंटे के भीतर 100 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश हो जाए। इतनी तेज बारिश आमतौर पर गहरे संवहनीय बादलों से जुड़ी होती है, जिससे अचानक पानी का बहाव बढ़ता है, जलभराव होता है और शहरों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, मौजूदा मौसम संबंधी स्थितियों और चक्रवातीय परिसंचरण से जुड़े बारिश के स्वरूप को देखते हुए चेन्नई और इसके आसपास हुई बारिश चक्रवातीय परिसंचरण से जुड़ी एक सुव्यवस्थित और व्यापक संवहनीय गतिविधि का नतीजा है, न कि किसी एक सीमित जगह पर बादल फटने की घटना। मौसम विभाग (आईएमडी) पूरे क्षेत्र में मौसम की स्थितियों और बारिश के आंकड़ों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट का पालन करें और जलभराव तथा शहरी बाढ़ की संभावना वाले इलाकों में जरूरी एहतियात बरतें।

आज सुबहक पैरीज कॉर्नर इलाके में सबसे ज्यादा 36 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद कतिवक्कम में 34, चेन्नई सेंट्रल में 27, तिरुवोट्टियूर में 22, एमजीआर नगर में 19, सीडी अस्पताल तोंडियारपेट और पेरांबूर में 18-18, तोंडियारपेट में 17, वडापलानी और चेन्नई कलेक्ट्रेट में 16-16, बेसिन ब्रिज, नुंगमबक्कम, वाईएमसीए नंदनम, चेन्नई एयरपोर्ट और अलंदूर में 15-15 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं विल्लुपुरम जिले के सेम्मेडू, आइस हाउस और अन्ना यूनिवर्सिटी में 14-14, रानीपेट जिले के वालाजाह, मीनांबक्कम और माधावरम में 13-13 सेंटीमीटर बारिश हुई।

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