बैतूल , सितंबर 03 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिला न्यायालय ने चेक अनादरण के मामले में आरोपी अमितेश मालवीय को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड को दो लाख 95 हजार 315 रुपये प्रतिकार राशि के रूप में देने का आदेश भी दिया है। राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राज कुमार भद्रसेन ने कंपनी की ओर से प्रस्तुत परिवाद पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। मामला परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दर्ज किया गया था।
प्रकरण के अनुसार सोनाघाटी निवासी अमितेश मालवीय ने 20 अगस्त 2019 को श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड से मारुति स्विफ्ट डिजायर वाहन के लिए दो लाख 10 हजार रुपये का ऋण लिया था। ऋण की आंशिक अदायगी के लिए उसने 26 जून 2022 को नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, बैतूल का दो लाख 10 हजार रुपये का चेक कंपनी को दिया था।
कंपनी ने चेक को भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया, लेकिन आरोपी द्वारा भुगतान रुकवाए जाने के कारण तीन सितंबर 2022 को चेक अनादरित होकर वापस हो गया। इसके बाद कंपनी की ओर से परिवादी राकेश धोटे ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया।
कंपनी ने अधिवक्ताओं के माध्यम से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजकर चेक की राशि का भुगतान करने की मांग की थी। निर्धारित वैधानिक अवधि में भुगतान नहीं होने पर 11 नवंबर 2022 को न्यायालय में परिवाद दायर किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। न्यायालय ने एक वर्ष के साधारण कारावास के साथ दो लाख 95 हजार 315 रुपये प्रतिकार राशि देने का आदेश दिया। इसमें चेक की मूल रकम के अलावा नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज और न्यायालयीन खर्च भी शामिल है। कंपनी की ओर से अधिवक्ता अनिल महाले और प्रकाश लवाहे ने पैरवी की।
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